
बरेली मे फर्जी लाइसेंस नंबर से “वैली पैकेज्ड पानी बोतल” का बड़ा खेल, 3915 बोतलें सीज
फरीदपुर में अनुप्रिया बेवरेजेज पर खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी, वैली के लेबल पर निर्माता का अधूरा पता भी मिला
फर्जी लाइसेंस नंबर से बिक रहा था वैली पैकेज्ड पानी, 3915 बोतलें सीज
पानी की बोतलों पर खेला लाइसेंस नंबर का खेल, विभाग ने फैक्ट्री की नोजल क़ो किया सील
48 हजार का पानी बोतल हुआ जब्त, लेबल की जांच में खुली बड़ी गड़बड़ी
बोतल पर अधूरा पता और संदिग्ध लाइसेंस नंबर, खाद्य विभाग ने रोका उत्पाद/प्रोडक्शन
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली। पैकेज्ड पानी की बोतल खरीदते समय अगर आप भी लेबल देखकर भरोसा करते हैं तो सावधान हो जाइए। फरीदपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई में पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर के नाम पर चल रहे कारोबार में गंभीर गड़बड़ी सामने आई है। टीम ने लाइनपार क्षेत्र के मोहल्ला सुखदेव पुरम, सरसैया रोड स्थित अनुप्रिया बेवरेजेज का निरीक्षण किया तो पानी की बोतलों पर दर्ज लाइसेंस नंबर संदिग्ध मिला।
यही नहीं, निर्माता का पूरा पता भी लेबल से गायब था।
जांच के दौरान टीम को 500 और 1000 मिलीलीटर की पैक्ड पानी की बोतलें बिक्री के लिए तैयार मिलीं। अधिकारियों ने बोतलों के लेबल की पड़ताल की तो उस पर दर्ज लाइसेंस नंबर को लेकर सवाल खड़े हो गए। लेबल पर निर्माता के नाम-पते के तौर पर सिर्फ “Anupriya Beverages Uttar Pradesh Bareilly” लिखा मिला। नियमानुसार जरूरी विवरणों की कमी को भी विभाग ने गंभीरता से लिया।
मामला संदिग्ध मिलने पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर का नमूना लेकर जांच के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी। अब खाद्य विश्लेषक की रिपोर्ट से पानी की गुणवत्ता और अन्य मानकों की स्थिति साफ होगी। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
3915 बोतलों पर लगा ब्रेक
कार्रवाई के दौरान मौके पर बिक्री के लिए तैयार रखी गई 3915 पानी की बोतलें बरामद हुईं। इनकी अनुमानित कीमत करीब 48,060 रुपये बताई गई है। विभाग ने पूरी खेप को सीज कर खाद्य कारोबारी की सुपुर्दगी में दे दिया। यानी जांच पूरी होने तक इन बोतलों की बिक्री पर रोक रहेगी।
इतना ही नहीं, टीम ने पानी भरने वाली मशीन के नोजल को भी सील कर दिया। इससे यूनिट में पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर का तत्काल उत्पादन रोक दिया गया है। विभाग की इस कार्रवाई से पानी कारोबारियों में भी खलबली मच गई।
रिपोर्ट बताएगी आगे की कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों के मुताबिक कार्रवाई आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश और जिलाधिकारी बरेली के निर्देश पर की गई। टीम में सहायक आयुक्त खाद्य राहुल सिंह, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षय गोयल, खाद्य सुरक्षा अधिकारी कमलेश कुमार शुक्ला और इंद्रजीत सिंह शामिल रहे।
विभाग का कहना है कि खाद्य एवं पेय पदार्थों की गुणवत्ता, लेबलिंग और निर्धारित मानकों से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नमूने की जांच रिपोर्ट आने के बाद दोष सामने आने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
