
राजा केहरी सिंह की नगरी में बदहाली आयुर्वेद अस्पताल के दोनों ओर कूड़े के ढेर बरसात में बीमारियों को न्यौता
रिपोर्ट : विवेक गुप्ता
सिरौली। एक तरफ सरकारें गांवों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही हैं। वहीं राजा केहरी सिंह की ऐतिहासिक नगरी शिवपुरी के हाल देखकर प्रशासनिक दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। आलम यह है कि गांव में प्रवेश करते ही स्वागत के नाम पर जगह-जगह फैली गंदगी और कूड़े के अंबार के दर्शन हो जाते हैं। हद तो तब हो जाती है जब ठीक आयुर्वेद अस्पताल के दोनों तरफ ही गांव का पूरा कचरा फेंका जा रहा है। यहां मरीज तो इलाज और दवाइयां लेने आते हैं। लेकिन बरसात के इस मौसम में इस नरकीय हालात के चलते विभिन्न प्रकार की गंभीर बीमारियां अपने साथ लेकर लौटने को मजबूर हैं।
प्रशासनिक दावों और हकीकत के बीच पिसती जनता
गांव की इस विकराल समस्या को लेकर जब पड़ताल की गई तो ग्राम प्रधान पुत्र पप्पू मौर्य का अजीबोगरीब तर्क सामने आया। उनका कहना है कि उन्होंने एसडीएम आंवला से कई बार इसकी शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन गांव के लोग बाज नहीं आते और यहीं कूड़ा डालते हैं। प्रधान प्रतिनिधि का यह भी दावा है कि वे प्रतिदिन कूड़े की गाड़ी पूरे गांव में घुमाते हैं, इसके बावजूद कुछ लोग अपनी आदतों से मजबूर होकर सड़क और अस्पताल के पास ही कचरा फेंक देते हैं।
सवाल यह उठता है कि यदि घर-घर कूड़ा उठाने वाली गाड़ी चल रही है, तो फिर अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह के पास कचरे के पहाड़ कैसे खड़े हो रहे हैं। क्या ग्राम पंचायत प्रशासन सिर्फ कागजी कार्रवाई और शिकायतों तक ही सीमित है। बीमारियों का मंडराता खतरा
बरसात के इस मौसम में गंदगी और कचरे के सड़ने से उठने वाली दुर्गंध ने स्थानीय लोगों और मरीजों का जीना मुहाल कर दिया है। मच्छरों और कीड़े-मकोड़ों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, जिससे कभी भी कोई बड़ी महामारी फैल सकती है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से कड़ी मांग की है कि इस गंभीर लापरवाही पर तुरंत एक्शन लिया जाए, अस्पताल के पास पड़े कूड़े के ढेर को हटवाया जाए और नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्त जुर्माना लगाया जाए, ताकि राजा केहरी सिंह की इस नगरी को बीमारियों के साये से बचाया जा सके।