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भारतीय चुनाव आयोग ने 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण शुरू किया

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नई दिल्ली। चुनावी प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में भारतीय चुनाव आयोग ने सोमवार को 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची (इलेक्टोरल रोल) के गहन विशेष पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की घोषणा की है।

आयोग के अनुसार, इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य दोहराए गए नामों को हटाना, मृत मतदाताओं के नामों को सूची से मिटाना और सूची में मौजूद त्रुटियों को सुधारना है। इससे आगामी चुनावों में निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित किया जा सकेगा।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि एसआईआर का पहला चरण पूरा कर लिया गया है, और अब यह प्रक्रिया देश के कई राज्यों में तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।

किन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में होगा विशेष पुनरीक्षण?

  • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
  • छत्तीसगढ़
  • गोवा
  • गुजरात
  • केरल
  • लक्षद्वीप
  • मध्य प्रदेश
  • पुडुचेरी
  • राजस्थान
  • उत्तर प्रदेश
  • पश्चिम बंगाल
  • तमिलनाडु

ज्ञानेश कुमार ने कहा कि मतदाता सूची का अद्यतन हर चुनाव से पहले एक जरूरी प्रक्रिया है ताकि किसी भी मतदाता को वोट देने के अधिकार से वंचित न किया जाए और नकली या दोहराए गए नामों को हटाया जा सके।

इस बीच, मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने बिहार में हाल ही में हुए सत्यापन अभियान पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने इसे “वोट चोरी की साजिश” बताते हुए आरोप लगाया कि अभियान के दौरान लाखों वैध मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए

चुनाव आयोग ने विपक्ष के इन आरोपों को नकारते हुए कहा है कि पारदर्शी और निष्पक्ष प्रक्रिया के तहत ही मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया जा रहा है और हर मतदाता को अपने नाम की जांच और सुधार का पूरा अवसर दिया जाएगा।

चुनाव आयोग की यह पहल मतदाता सूची को सटीक और अद्यतन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो लोकतंत्र की मजबूती और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएगा।

Media Alert
Author: Media Alert

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