मिशन शक्ति 5.0: बरेली में चार जिलों की टीमों ने दिखाई महिला सशक्तिकरण की मजबूत तस्वीर
रिपोर्ट/सौरभ गुप्ता
DIG अजय कुमार साहनी और ADG रमित कुमार शर्मा के नेतृत्व में आयोजित हुई एक दिवसीय कौशल कार्यशाला
बरेली।महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से बरेली परिक्षेत्र में मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत एक दिवसीय कौशल कार्यशाला एवं गोष्ठी का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम डीआईजी अजय कुमार साहनी के निर्देशन एवं एडीजी रमित कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में जीआईसी ऑडिटोरियम, बरेली में संपन्न हुआ।
कार्यशाला में बरेली, बदायूँ, पीलीभीत और शाहजहाँपुर जनपदों की मिशन शक्ति टीमों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए अपने-अपने जिलों में किए जा रहे कार्यों का प्रस्तुतीकरण किया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मिशन शक्ति केंद्रों के प्रभावी संचालन, महिला अपराधों की रोकथाम, पीड़िताओं को त्वरित सहायता और संवेदनशील सहयोग प्रदान करना रहा।
डीआईजी अजय कुमार साहनी ने अपने संबोधन में कहा कि मिशन शक्ति केंद्र अब केवल शिकायत दर्ज करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये महिलाओं के लिए Single Point of Support के रूप में कार्य कर रहे हैं। वहीं एडीजी रमित कुमार शर्मा के विजन के अनुरूप मिशन शक्ति 5.0 को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत बनाया जा रहा है।
प्रदेश स्तर पर महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यशाला को संबोधित किया और बरेली परिक्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की।
कार्यक्रम को अपर पुलिस महानिदेशक रमित शर्मा, मंडलायुक्त भूपेन्द्र एस. चौधरी और डीआईजी अजय कुमार साहनी ने संबोधित किया। महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन की अपर पुलिस महानिदेशक पद्मजा चौहान ने हाइब्रिड मोड में जुड़कर आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।
चारों जनपदों के मिशन शक्ति केंद्रों के नोडल अधिकारियों ने महिला सहायता, परामर्श, अपराध रोकथाम और पुनर्वास से जुड़े कार्यों की प्रगति रिपोर्ट साझा की।
मुख्य विकास अधिकारी देवयानी ने शासन की विभिन्न महिला सशक्तिकरण योजनाओं की जानकारी दी।
आंवला परिवार परामर्श केंद्र के जय गोविंद सिंह ने लगभग 100 पारिवारिक विवादों के सफल समाधान के अनुभव साझा किए, जिससे मिशन शक्ति की प्रभावशीलता स्पष्ट हुई।
एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने मेडिकल जूरिसप्रुडेंस और क्लीनिकल साइकोलॉजी पर जानकारी दी। क्लीनिकल साइकोलॉजी विशेषज्ञ मनाली ने पीड़िता से संवाद के शुरुआती 10 मिनट की अहमियत और संवेदनशील व्यवहार पर प्रशिक्षण दिया।
वरिष्ठ अधिवक्ता शांतनु ने महिला अपराधों में विवेचना की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) पर विस्तृत जानकारी दी।
कार्यशाला में यह स्पष्ट किया गया कि मिशन शक्ति केंद्र पीड़िता को मानसिक, सामाजिक, कानूनी और संस्थागत सहयोग प्रदान करते हुए 360 डिग्री सहायता सुनिश्चित कर रहे हैं।
उत्कृष्ट कार्य करने वाली मिशन शक्ति टीमों एवं बरेली, बदायूँ, पीलीभीत और शाहजहाँपुर के चयनित थानों को सम्मानित किया गया। साथ ही परिवार परामर्श केंद्र के परामर्शदाताओं और अतिथि वक्ताओं को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम के समापन पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्या ने सफल आयोजन के लिए सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और वक्ताओं का आभार व्यक्त किया।
कार्यशाला में बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी, मिशन शक्ति केंद्र प्रभारी, महिला कर्मी और महिला बीट आरक्षियों ने प्रत्यक्ष एवं ऑनलाइन माध्यम से सहभागिता की।