
बरेली के बाबा बनखंडी नाथ मंदिर में अनूठी साधना, 108 मटकों से प्रतिदिन बह रही आस्था की धारा
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली। शहर के प्राचीन एवं प्रसिद्ध बाबा बनखंडी नाथ महादेव मंदिर में सनातन धर्म के उत्थान को लेकर एक विशेष आध्यात्मिक अनुष्ठान की शुरुआत की गई है। जूना अखाड़ा के संरक्षक श्री महंत हरि गिरि महाराज के शिष्य स्वामी सुधीर नारायण गिरि महाराज ने माघ मास की पूर्णिमा से प्रतिदिन प्रातः 5 बजे 108 ठंडे जल के मटकों से जलधारा साधना आरंभ की है। मंदिर परिसर में हो रही इस साधना को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है।

सनातन धर्म के उत्थान और राष्ट्र जागरण का संकल्प
स्वामी सुधीर नारायण गिरि महाराज ने बाबा बनखंडी नाथ महादेव के चरणों में 108 मटकों से जलधारा अर्पित करने का संकल्प सनातन धर्म की मजबूती और भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित किए जाने की कामना के साथ लिया है। उनका कहना है कि यह साधना केवल व्यक्तिगत तपस्या नहीं, बल्कि राष्ट्र और समाज के आध्यात्मिक जागरण का माध्यम है। साधना के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और हर-हर महादेव के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो जाता है।


साधना में संत-महंतों की सहभागिता, भक्तों में उत्साह
इस विशेष जलधारा साधना में महंत अवधेश गिरि, महंत केदार पुरी, महंत अमृत पुरी, थानापति अवेधानंद गिरि, नासिक थानापति महंत अन्ना गिरि एवं महंत मंगल गिरि सहित कई संत-महंत समय-समय पर सहभागिता कर रहे हैं। इसके साथ ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी प्रतिदिन साधना में सम्मिलित होकर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। मंदिर प्रांगण में भक्ति, तप और संकल्प का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक ऊर्जा का संचार हो रहा है।
