
बरेली में बेसिक शिक्षक समायोजन पर सवालों की बाढ़, प्राथमिक शिक्षक संघ का तीखा विरोध
नियमों की अनदेखी का आरोप, जिलाधिकारी को सौंपा गया ज्ञापन
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली। जनपद में बेसिक शिक्षकों के हालिया समायोजन को लेकर असंतोष खुलकर सामने आ गया है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा किए गए समायोजन को नियम विरुद्ध बताते हुए गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। संघ के पदाधिकारियों ने इसे शासनादेशों की खुली अवहेलना करार दिया है।
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष शिव स्वरूप शर्मा और जिला मंत्री रोहित सिंह के नेतृत्व में शिक्षकों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। संघ का कहना है कि समायोजन प्रक्रिया में पारदर्शिता और न्यायसंगत नियमों का पालन नहीं किया गया।
संघ के अनुसार महिला शिक्षकों को उनके ही विकास खंड में प्राथमिकता देने के बजाय अन्य ब्लॉकों में स्थानांतरित कर दिया गया, जिससे उन्हें रोज़मर्रा की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा कई ऐसे विद्यालयों से शिक्षकों को हटा दिया गया है, जहां कुछ माह पूर्व ही रिक्त पदों पर नियुक्तियां की गई थीं।
जूनियर विद्यालयों में विषयवार समायोजन को लेकर भी गंभीर खामियां सामने आई हैं। कुछ विद्यालयों में एक ही विषय के एक से अधिक शिक्षक तैनात कर दिए गए हैं, जबकि कई स्कूलों में आवश्यक विषय अध्यापक ही नहीं बचे हैं। संघ ने यह भी आरोप लगाया कि मान्यता प्राप्त संगठनों के ब्लॉक अध्यक्षों और मंत्रियों को भी अन्य विकास खंडों में समायोजित कर दिया गया, जो स्पष्ट रूप से शासन के निर्देशों के विपरीत है।
शिक्षक संघ का कहना है कि समायोजन से पहले शिक्षकों से विद्यालय विकल्प तक नहीं लिया गया, जबकि पूर्व वर्षों में यह प्रक्रिया अनिवार्य रही है। साथ ही अन्य जिलों में कनिष्ठ शिक्षकों का समायोजन हुआ, लेकिन बरेली में वरिष्ठ शिक्षकों को प्रभावित किया गया, जिससे असंतुलन की स्थिति बन गई है। संघ ने मांग की है कि अन्य जनपदों की भांति बरेली में भी समायोजन प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और नियमों के अनुरूप दोबारा लागू किया जाए।
इस विरोध प्रदर्शन में शिव स्वरूप शर्मा, रोहित सिंह, अजरार हुसैन सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।