बरेली–मथुरा हाईवे पर दो टोल प्लाजा तय,
रिपोर्ट/सौरभ गुप्ता
बरेली-बदायूं खंड में चार बाइपास का निर्माण
कछला और देवचरा में बनेंगे टोल, 7,700 करोड़ की परियोजना से 25 से ज्यादा जिलों को होगा फायदा
बरेली। बरेली–मथुरा नेशनल हाईवे पर सफर करने वालों को आने वाले समय में दो स्थानों पर टोल टैक्स देना होगा।
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने बदायूं के कछला और बरेली के देवचरा क्षेत्र में टोल प्लाजा बनाने का निर्णय लिया है।
इसके साथ ही बरेली–बदायूं खंड में चार बाइपास का निर्माण भी प्रस्तावित किया गया है, जिससे शहरों के भीतर यातायात का दबाव कम होगा।
बरेली–मथुरा नेशनल हाईवे के फेज-फोर में बरेली से बदायूं के बीच निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
इस खंड पर पहले किसी प्रकार का टोल नहीं था, लेकिन हाईवे के पूर्ण होने के बाद बरेली और बदायूं के बीच यात्रा करने वाले वाहन चालकों को दो बार टोल चुकाना पड़ेगा।
टोल प्लाजा के लिए कछला और देवचरा के पास स्थान चिन्हित कर लिए गए हैं।
एनएचएआई के अनुसार, बरेली–मथुरा नेशनल हाईवे की कुल लंबाई 228 किलोमीटर है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 7,700 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं और इसे वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।
परियोजना को चार चरणों में विभाजित किया गया है। मथुरा से कासगंज के बीच लगभग 60 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जबकि कासगंज से बदायूं खंड पर भी आधे से अधिक निर्माण कार्य संपन्न किया जा चुका है।
बरेली–बदायूं खंड पर चार बाइपास बनाए जाएंगे, जिन पर लगभग 650 करोड़ रुपये की लागत आएगी। भमोरा और देवचरा के बीच करीब पांच किलोमीटर लंबा बाइपास तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा बदायूं के बिनावर और मलगांव क्षेत्र में भी बाइपास प्रस्तावित हैं।
मलगांव में रेलवे क्रॉसिंग की समस्या को देखते हुए रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण की भी योजना बनाई गई है।
परियोजना के तहत कुल 20 फ्लाईओवर, 26 अंडरपास, पांच बड़े पुल और छह रेलवे ओवरब्रिज बनाए जाएंगे।
आगरा–बरेली ग्रीन कॉरिडोर के रूप में विकसित हो रहा यह हाईवे आगरा, मथुरा, हाथरस, कासगंज, बदायूं और बरेली समेत 25 से अधिक जिलों को सीधा लाभ पहुंचाएगा। गंगा एक्सप्रेसवे और अन्य प्रमुख हाईवे से कनेक्टिविटी बढ़ने से क्षेत्र में औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक उत्कर्ष शुक्ला ने बताया कि हाईवे निर्माण कार्य तय समयसीमा के भीतर पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं और टोल प्लाजा का निर्माण भी योजना के अनुसार किया जाएगा।