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तबाही के मलबे से ‘ड्रीम सिटी’ तक: गाजा को हाईटेक लग्जरी हब बनाने की अंतरराष्ट्रीय योजना

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तबाही के मलबे से ‘ड्रीम सिटी’ तक: गाजा को हाईटेक लग्जरी हब बनाने की अंतरराष्ट्रीय योजना

112 अरब डॉलर की मेगा परियोजना, रफा को बताया जा रहा ‘भविष्य का स्वर्ग’ 

रिपोर्ट: सौरभ गुप्ता

नई दिल्ली! गाजा पट्टी, जो लंबे समय से युद्ध, बमबारी और मानवीय संकट का प्रतीक बनी हुई है, अब एक चौंकाने वाले वैश्विक प्रस्ताव के चलते सुर्खियों में है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक ऐसी मेगा योजना पर चर्चा हो रही है, जिसमें गाजा को पूरी तरह पुनर्निर्मित कर हाईटेक, स्मार्ट और लग्जरी डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की बात कही जा रही है।

‘प्रोजेक्ट सनराइज’: तबाही के बाद नई शुरुआत?

सूत्रों के मुताबिक इस प्रस्तावित योजना को ‘प्रोजेक्ट सनराइज’ नाम दिया गया है। इसके तहत गाजा शहर और रफा इलाके को अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट सिटी तकनीक और लग्जरी टूरिज्म हब के रूप में बदला जाएगा। अनुमान है कि इस परियोजना पर करीब 112 अरब डॉलर (लगभग 9 लाख करोड़ रुपये) का खर्च आएगा।

रफा बनेगा हाईटेक ‘जन्नत का शहर’ : योजना के अनुसार रफा को एक विशेष मॉडल सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां :—

स्मार्ट आवासीय टावर

ग्रीन एनर्जी आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर

लग्जरी होटल और बीच रिसॉर्ट

हाईटेक ट्रांसपोर्ट सिस्टम

अंतरराष्ट्रीय व्यापार और पर्यटन केंद्र

जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। समर्थकों का दावा है कि यह शहर भविष्य में मध्य-पूर्व का सबसे आधुनिक शहरी केंद्र बन सकता है।

मानवीय संकट बनाम लग्जरी सपने

हालांकि इस योजना को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि :—

गाजा में अभी भी लाखों लोग बेघर हैं

बुनियादी सुविधाएं जैसे पानी, बिजली और स्वास्थ्य सेवाएं संकट में हैं

पुनर्निर्माण से पहले स्थायी शांति और राजनीतिक समाधान जरूरी है

उनका मानना है कि लग्जरी डेस्टिनेशन की कल्पना ज़मीनी हकीकत से काफी दूर है।

वैश्विक राजनीति और आर्थिक हितों की झलक:-

विशेषज्ञों का कहना है कि यह योजना सिर्फ पुनर्निर्माण नहीं, बल्कि भू-राजनीतिक और आर्थिक हितों से भी जुड़ी हो सकती है। गाजा का रणनीतिक स्थान इसे अंतरराष्ट्रीय निवेश और प्रभाव के लिहाज से अहम बनाता है।

भविष्य का सपना या विवादों की नई इबारत?

फिलहाल यह योजना प्रस्ताव और चर्चाओं के स्तर पर है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या गाजा सच में युद्ध के मलबे से निकलकर एक हाईटेक भविष्य की ओर बढ़ पाएगा, या यह योजना भी कागज़ों तक ही सीमित रह जाएगी।

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta