घने कोहरे और शीतलहर की मार से बरेली ठिठुरा, सड़कों से लेकर रोज़गार तक असर
रिपोर्ट/सौरभ गुप्ता
बरेली में शीतलहर और घने कोहरे ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। बुधवार तड़के शहर के अधिकांश इलाके घने कोहरे में डूबे नजर आए। हालात यह रहे कि राष्ट्रीय राजमार्गों से लेकर शहर की अंदरूनी सड़कों तक वाहन रेंगते दिखे। कई स्थानों पर दृश्यता 50 मीटर से भी कम रह गई, जबकि कुछ समय के लिए विजिबिलिटी लगभग शून्य के करीब पहुंच गई। मजबूरी में वाहन चालकों को फॉग लाइट और इंडिकेटर के सहारे बेहद सतर्कता से सफर करना पड़ा।
मौसम विभाग ने बरेली और आसपास के जिलों में घने से अत्यंत घने कोहरे और ठंड को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों से आ रही ठंडी हवाओं के कारण तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। आने वाले दिनों में सर्दी और तेज होने की संभावना जताई गई है, जिसका असर खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ सकता है।
फिलहाल बरेली का न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया है, जबकि अधिकतम तापमान 21 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। रात के समय पछुआ हवाओं के चलते ठिठुरन और बढ़ गई है।
ठंड बढ़ते ही सरकारी और निजी अस्पतालों में सर्दी, जुकाम, खांसी और बुखार के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। चिकित्सकों का कहना है कि मौसम में अचानक बदलाव और लंबे समय तक कोहरे की स्थिति वायरल संक्रमण के खतरे को बढ़ा देती है, इसलिए सावधानी बेहद जरूरी है।
सबसे ज्यादा परेशानी रोज कमाने–खाने वाले मजदूरों को झेलनी पड़ रही है। बदायूं रोड समेत कई मजदूर अड्डों पर सुबह से लोग काम की तलाश में पहुंचे, लेकिन मौसम खराब होने के कारण उन्हें काम नहीं मिल सका। मजदूरों का कहना है कि रोज़गार ठप होने से परिवार का गुजारा करना मुश्किल हो गया है।
ठंड से बचाव के लिए जरूरी उपाय:
सुबह और देर रात अनावश्यक बाहर निकलने से बचें
वाहन चलाते समय फॉग लाइट का सही इस्तेमाल करें
बच्चों और बुजुर्गों को पूरी तरह गर्म कपड़ों में रखें
गर्म पानी और पौष्टिक गर्म भोजन का सेवन करें
बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
अलाव और हीटर का प्रयोग पूरी सावधानी के साथ करें