
बरेली मे रक्षाबंधन की खुशियां मातम में बदलीं: मेयर के कार्यक्रम में मची भगदड़, महिला की मौत..
उपहार की होड़ बनी जानलेवा! मेयर के रक्षाबंधन मिलन समारोह में भगदड़, मधु की गई जान
राखी बांधने पहुंचीं थीं खुशियां लेकर, लौटी मौत की खबर; मेयर के कार्यक्रम पर उठे सवाल
हजारों की भीड़, बेकाबू हालात और भगदड़… मेयर के रक्षाबंधन समारोह में महिला की मौत
रक्षाबंधन मिलन में मची भगदड़, उपहार की होड़ में गई महिला की जान; मेयर के आयोजन पर उठे सुरक्षा इंतजामों के सवाल
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली। रक्षाबंधन पर खुशियां बांटने के लिए आयोजित कार्यक्रम उस वक्त मातम में बदल गया, जब भीड़ बेकाबू होने से मची भगदड़ में एक महिला की जान चली गई। हादसे में थाना बारादरी क्षेत्र की सतीपुर कॉलोनी स्थित मां वैष्णो पुरम निवासी मधु की मौत हो गई। घटना ने कार्यक्रम की भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बताया गया कि महापौर उमेश गौतम और उनके पुत्र पार्थ गौतम की ओर से महिलाओं के लिए रक्षाबंधन मिलन समारोह आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंची थीं। महापौर और उनके पुत्र महिलाओं से राखी बंधवा रहे थे और इसके बाद उपहार वितरित किए जा रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उपहार पाने और कार्यक्रम में आगे पहुंचने की कोशिश के दौरान भीड़ अचानक बेकाबू हो गई। देखते ही देखते धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी शुरू हो गई। हालात इतने बिगड़े कि कई महिलाएं एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़ीं। इसी दौरान मधु भी भीड़ की चपेट में आकर नीचे गिर गईं और दबने से गंभीर रूप से घायल हो गईं।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आनन-फानन में महिला को एंबुलेंस से मिशन अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
महिला की मौत की खबर घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया।
भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल
इस हादसे ने सबसे बड़ा सवाल कार्यक्रम में किए गए सुरक्षा इंतजामों को लेकर खड़ा कर दिया है। हजारों की भीड़ वाले आयोजन में प्रवेश, निकास, उपहार वितरण और भीड़ को नियंत्रित करने की व्यवस्था कितनी पर्याप्त थी, इसकी जांच अब अहम हो गई है।
कार्यक्रम के आयोजक महापौर उमेश गौतम और पार्थ गौतम हैं, ऐसे में स्वाभाविक रूप से आयोजन की व्यवस्थाओं और भीड़ प्रबंधन की जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यदि जांच में सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक सामने आती है तो जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग भी उठ सकती है।
फिलहाल महिला की मौत की पूरी परिस्थितियों और भगदड़ के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस और प्रशासन घटना से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रहे हैं।