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बरेली मे आरोपों से बरी हुए दो युवकों ने कहा- गलतफहमी में बिगड़ा मामला, कोर्ट के फैसले से मिली बड़ी राहत

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बरेली मे आरोपों से बरी हुए दो युवकों ने कहा- गलतफहमी में बिगड़ा मामला, कोर्ट के फैसले से मिली बड़ी राहत

बरेली डोसा खाते वक्त हुआ था विवाद, गलतफहमी में पहुंच गए थाने; कोर्ट ने दोनों युवकों को माना बेगुनाह

जिस मामले में चारों को थाने ले गई थी पुलिस, अदालत में खुली गलतफहमी की परत; दो युवकों को मिली क्लीन चिट

आरोपों का सामना कर रहे युवकों की कोर्ट में जीत, न्यायालय युवतियों की फटकार के बाद पुलिस ने भी माना दोनों को बेगुनाह

‘हमसे गलती हुई, अब केस नहीं चलाना’—दो युवतियों ने मानी गलतफहमी, बरेली की अदालत ने युवकों को दी बड़ी राहत

रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता

बरेली। कुछ माह पहले शील चौराहे पर डोसे के ठेले पर डोसा खाते समय दो युवतियों से कहासुनी के बाद शुरू हुआ विवाद ऐसा बढ़ा कि मामला पुलिस थाने तक पहुंच गया। गलतफहमी के चलते दो युवकों समेत चार लोगों को प्रेमनगर थाने ले जाया गया। मामला जब न्यायालय पहुंचा तो घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया। अदालत के समक्ष युवतियों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि उन्हें कुछ गलतफहमी हो गयी थी। वहीं पुलिस की अंतिम रिपोर्ट में भी दोनों युवकों को बेगुनाह बताया गया। इसके बाद न्यायालय ने मामले को आगे बढ़ाने से इनकार करते हुए दोनों युवकों को राहत दी।

बरेली मे हुई प्रेस वार्ता के दौरान जारी किए गए नोट के अनुसार, विवाद के बाद रोहित कक्कड़ और दिनेश गुप्ता समेत चार लोगों को प्रेमनगर पुलिस थाने ले गई थी। मामला न्यायालय के समक्ष पहुंचने पर दोनों युवतियों ने अपनी पूर्व की गलतफहमी को स्वीकार किया। पुलिस ने भी अपनी फाइनल रिपोर्ट में दोनों युवकों को निर्दोष माना।

मामले में न्यायालय ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए यह भी कहा कि जब युवतियां स्वयं अपनी गलतफहमी स्वीकार कर रही हैं और पुलिस की रिपोर्ट में भी युवकों को बेगुनाह माना गया है, तो उन्हें झूठा फंसाकर जेल भेजने का सवाल ही नहीं उठता है। न्यायालय की टिप्पणी के बाद दोनों युवकों को मामले में बड़ी राहत मिली!

प्रेस नोट में दावा किया गया है कि युवतियों ने न्यायालय के समक्ष स्वीकार किया कि कुछ गलतफहमी के चलते उनसे गलती हुई थी और अब वे युवकों के खिलाफ कोई मुकदमा नहीं चलाना चाहतीं।

अदालत ने दोनों युवकों को सम्मानपूर्वक बरी करते हुए युवतियों से भविष्य में ऐसी कोई गलती दोबारा न दोहराने की हिदायत भी दी।

गलत आरोपों से जूझे, फिर न्यायालय से मिला सम्मान….

मामले में राहत मिलने के बाद रोहित कक्कड़ और दिनेश गुप्ता ने कहा कि एक गलतफहमी ने उन्हें सामाजिक रूप से काफी परेशान किया। उनका आरोप है कि घटनाक्रम को लेकर मीडिया में एकतरफा खबर प्रकाशित हुई, जिसमें उनका पक्ष सामने नहीं लाया गया। इससे उन्हें सामाजिक रूप से बदनामी का सामना करना पड़ा।

दोनों युवकों ने अब मीडिया के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वे न्यायालय के फैसले का सम्मान करते हैं। उनका कहना है कि अदालत के निष्पक्ष निर्णय से उन्हें न केवल कानूनी राहत मिली, बल्कि समाज के सामने अपनी बात रखने का मौका भी मिला।

न्यायालय के फैसले के बाद दोनों युवकों ने इसे सच्चाई की जीत और न्याय व्यवस्था में भरोसे की मिसाल बताया। उनका कहना है कि किसी भी विवाद में निष्पक्ष जांच और दोनों पक्षों को सुनना बेहद जरूरी है, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति को गलतफहमी या एकतरफा आरोपों का खामियाजा न भुगतना पड़े।

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta

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