
OTP लेकर IGRS शिकायत में ‘अच्छी’ फीडबैक दर्ज कराने का आरोप, बच्चों की सुरक्षा को लेकर SSP से शिकायत
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली। IGRS पोर्टल पर दर्ज शिकायत के निस्तारण को लेकर एक बुजुर्ग के बेटे ने पुलिस अधिकारियों की रिपोर्ट पर गंभीर सवाल उठाए हैं। शिकायतकर्ता जयंत जुनेजा ने अपने 82 वर्षीय पिता राधे श्याम जुनेजा की ओर से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि उनकी शिकायत की वास्तविकता की निष्पक्ष जांच किए बिना ही गलत और भ्रामक रिपोर्ट लगा दी गई। इतना ही नहीं, उन्होंने आरोप लगाया कि 22 अगस्त को एक व्यक्ति ने फोन कर उनके पिता से OTP मांगा और OTP बताने के कुछ ही देर बाद IGRS शिकायत पर ‘अच्छी’ फीडबैक दर्ज हो गई।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, उन्होंने 24 जुलाई 2026 को IGRS पोर्टल पर शिकायत संख्या 40015026039941 दर्ज कराई थी। शिकायत में संपत्ति/घटना से जुड़े कई गंभीर आरोप और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई थी।
आरोप है कि संबंधित पुलिस अधिकारी ने इन बिंदुओं की समुचित जांच किए बिना ही शिकायत का निस्तारण कर दिया।
जयंत जुनेजा का कहना है कि 22 अगस्त को दोपहर करीब 3:08 बजे उनके 82 वर्षीय पिता के मोबाइल पर +91 78398 67757 नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को अधिकारी बताते हुए OTP मांगा। भरोसा करके उनके पिता ने OTP बता दिया। इसके कुछ ही समय बाद जब शिकायत की स्थिति देखी गई तो IGRS पर शिकायत की प्रतिक्रिया ‘Good’ दर्ज मिली।
शिकायतकर्ता ने इस पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि शिकायतकर्ता से वास्तविक संतुष्टि लिए बिना OTP के माध्यम से फीडबैक दर्ज कराया गया है तो यह IGRS शिकायत निवारण व्यवस्था की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर जताई चिंता
प्रार्थना पत्र में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता जताई गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि जिस घटना और संपत्ति से संबंधित शिकायत की गई है, उससे जुड़े बच्चों की सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से किसी संभावित अप्रिय घटना से पहले आवश्यक निवारक कदम उठाने की मांग की है।
उन्होंने SSP से संबंधित पुलिस अधिकारी की IGRS रिपोर्ट की वरिष्ठ स्तर पर समीक्षा कराने, पिछली जांच से अलग किसी वरिष्ठ अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराने और शिकायत में लगाए गए आरोपों की बिंदुवार जांच कराने की मांग की है।
इसके साथ ही शिकायतकर्ता ने संबंधित गवाहों के बयान दर्ज करने, उपलब्ध CCTV फुटेज, फोटो, दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों को सुरक्षित कर उनकी जांच कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी पुलिस अधिकारी की रिपोर्ट गलत, अधूरी या भ्रामक पाई जाती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाए।
शिकायतकर्ता ने यह भी मांग की है कि यदि जांच के दौरान किसी संज्ञेय अपराध का खुलासा होता है तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही पूरे मामले में की गई कार्रवाई की जानकारी उन्हें लिखित रूप में उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
जयंत जुनेजा ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी पुलिस अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाना नहीं है। उनकी मुख्य चिंता शिकायत में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने SSP से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच और आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित कराने की मांग की है।