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POCSO कार्रवाई से बचने के लिए किया निकाह, एक महीने में दहेज को लेकर टूट गया रिश्ता; थाने के बाहर तीन तलाक देने का आरोप

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POCSO कार्रवाई से बचने के लिए किया निकाह, एक महीने में दहेज को लेकर टूट गया रिश्ता; थाने के बाहर तीन तलाक देने का आरोप

दहेज में 10 लाख और स्कॉर्पियो की मांग, विवाहिता ने लगाए गंभीर आरोप

POCSO केस से बचने के लिए निकाह का आरोप, एक महीने बाद ही शुरू हो गई कलह

समझौते के लिए थाने बुलाए गए दोनों पक्ष, बाहर निकलते ही तीन तलाक का आरोप

ब्लू मून मैरिज हॉल संचालक के बेटे समेत सात पर एफआईआर, पुलिस ने शुरू की जांच

रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता

बरेली। नए घर और नई जिंदगी के सपने लेकर ससुराल पहुंची एक युवती का रिश्ता महज एक महीने में ही विवादों के भंवर में फंस गया। विवाहिता ने ससुराल पक्ष पर दहेज में 10 लाख रुपये नकद और स्कॉर्पियो कार मांगने, मारपीट और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला तब और सुर्खियों में आ गया, जब पीड़िता ने आरोप लगाया कि दोनों पक्षों को बातचीत के लिए थाने बुलाए जाने के बाद थाना परिसर के बाहर ही उसे तीन बार तलाक कह दिया गया।

पीड़िता आबिया, पुत्री स्वर्गीय साजिद हुसैन, निवासी बिधौलिया, थाना सीबीगंज ने थाना किला पुलिस को दी तहरीर में अपने पति इमरान रजा खां, ससुर तसलीम रजा, जो ब्लू मून मैरिज हॉल के संचालक बताए गए हैं, समेत सात लोगों पर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

नाबालिग होने के दौरान संबंध और फिर POCSO मुकदमे का दावा

आबिया का आरोप है कि जब वह नाबालिग थी, तभी इमरान रजा ने शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। उसके मुताबिक करीब तीन साल तक दोनों के बीच संबंध रहे। जब उसने निकाह के लिए दबाव बनाया तो आरोप है कि इमरान और उसके परिजनों ने शादी से इनकार कर दिया। इसके बाद पीड़िता ने उनके खिलाफ POCSO एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया।

आबिया का दावा है कि जेल जाने से बचने के लिए बाद में इमरान ने उससे निकाह कर लिया। दोनों का निकाह 18 मई 2026 को रामपुर रोड स्थित जागृति नगर निवासी इमरान रजा खां के साथ हुआ।

निकाह के कुछ दिन बाद ही दहेज की मांग का आरोप

पीड़िता के मुताबिक मायके वालों ने अपनी हैसियत के अनुसार शादी में सामान और अन्य जरूरतें पूरी कीं, लेकिन निकाह के कुछ ही दिनों बाद ससुराल में दहेज को लेकर विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि उससे 10 लाख रुपये नकद और नई स्कॉर्पियो कार की मांग की जाने लगी।

आबिया ने पुलिस को बताया कि मांग पूरी नहीं होने पर उसे ताने दिए गए, गालियां दी गईं और मारपीट तक की गई। लगातार बढ़ते विवाद से परेशान होकर उसने 7 जून को थाना किला में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की।

थाने में समझौते की कोशिश, बाहर आते ही विवाद का आरोप

पीड़िता के मुताबिक पुलिस ने दोनों पक्षों को 22 जून को थाने बुलाया था। यहां परिवार के बीच विवाद खत्म कराने और समझौते की बातचीत चल रही थी। आरोप है कि बातचीत के बाद जैसे ही दोनों पक्ष थाना परिसर से बाहर निकले, ससुराल वालों ने उसके साथ अभद्रता और गाली-गलौज शुरू कर दी।

आबिया का आरोप है कि इसी दौरान उसके पति और ससुराल पक्ष के लोगों ने थाना परिसर के बाहर ही उसे तीन बार तलाक कह दिया। इसके बाद मामला और बिगड़ गया और पीड़िता ने पति समेत सात लोगों के खिलाफ पुलिस से मुकदमा दर्ज करने की मांग की।

सात लोगों के खिलाफ मुकदमा, जांच उपनिरीक्षक को

किला पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर पति इमरान रजा खां, ससुर तसलीम रजा समेत सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने मामले की विवेचना उपनिरीक्षक कृष्ण कुमार को सौंपी है।

अब पुलिस आरोपों की जांच कर रही है और तहरीर में लगाए गए आरोपों के साथ-साथ निकाह, पूर्व में दर्ज POCSO मुकदमे और थाने में हुई बातचीत से जुड़े तथ्यों की भी पड़ताल की जाएगी। पीड़िता का कहना है कि उसने शादी के बाद घर बसाने का सपना देखा था, लेकिन दहेज की मांग और विवाद ने उसकी जिंदगी को फिर से मुश्किलों में डाल दिया।

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta

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