
बरेली मे जनता दरबार में पसीजा डीएम का दिल, बेसुध युवक को खुद भिजवाया अस्पताल
डीएम बोले- ‘मैं ऑफिस में हूं, फिर मरीज की सूचना क्यों नहीं दी?’ कर्मचारियों को लगाई कड़ी फटकार
नो व्हीकल डे पर इंसानियत की मिसाल, ई-टेंपो से बीमार युवक पहुंचा अस्पताल
बरेली मे किडनी पीड़ित बेटे को लेकर भटक रही मां, डीएम बने सहारा
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली ! बरेली में जिलाधिकारी की संवेदनशीलता एक बार फिर देखने को मिली। जनता दरबार समाप्त होने के बाद जब डीएम कार्यालय से बाहर निकल रहे थे, तभी उनकी नजर परिसर में बेंच पर बेसुध पड़े एक युवक पर पड़ी। युवक दर्द से कराह रहा था और उसके पास बैठी मां इलाज को लेकर परेशान थी। यह दृश्य देखते ही डीएम तुरंत रुक गए और पूरे मामले की जानकारी ली।
पीड़ित युवक की पहचान 21 वर्षीय अमन पुत्र रामतीर्थ निवासी ग्राम कुठला, थाना फतेहगंज पूर्वी के रूप में हुई। परिजनों ने बताया कि अमन की दोनों किडनी खराब हो चुकी हैं और वह लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। हालत बिगड़ने पर मां उसे लेकर मदद की आस में कलेक्ट्रेट पहुंची थी।
डीएम ने बिना समय गंवाए मुख्य चिकित्सा अधिकारी से फोन पर बात की और युवक के तत्काल इलाज के निर्देश दिए। इसके बाद अपने स्टाफ की मदद से अमन को ई-टेंपो के जरिए जिला अस्पताल भिजवाया गया।
इस दौरान डीएम कार्यालय परिसर में मौजूद कर्मचारियों की कार्यशैली पर भी नाराज दिखे। उन्होंने कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि जब वह स्वयं कार्यालय में मौजूद थे तो गंभीर हालत में पड़े मरीज की जानकारी उन्हें तुरंत क्यों नहीं दी गई। डीएम का सख्त रुख देखकर वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए।
डीएम ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद युवक का हरसंभव इलाज कराया जाएगा। जरूरत पड़ने पर उसे बेहतर उपचार के लिए बाहर के अस्पताल में भी भेजा जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिले में ‘नो व्हीकल डे’ अभियान चल रहा है, इसलिए युवक को अस्पताल पहुंचाने के लिए ई-टेंपो का इस्तेमाल किया गया। साथ ही उन्होंने युवक की मां को बच्चों की सेहत का ध्यान रखने की सलाह देते हुए भविष्य में भी हर संभव मदद का आश्वासन दिया।