
मणिनाथ पुलिस चौकी किराया प्रकरण: संगठन का बड़ा खुलासा, एसएसपी से अवैध भुगतान रोकने की मांग
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली। शहर में मणिनाथ पुलिस चौकी से जुड़े किराया प्रकरण को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। एक स्थानीय संगठन ने इस मामले में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसपी) को पत्र भेजा है। संगठन ने चौकी के नाम पर दिए जा रहे किराए को अवैध बताते हुए तत्काल प्रभाव से इस पर रोक लगाने की मांग की है।
संगठन का आरोप है कि जिस कमरे के नाम पर पिछले करीब 15 वर्षों से किराया दिया जा रहा है, उसकी स्थिति बेहद जर्जर है और वह पुलिस चौकी के उपयोग में भी नहीं है। बताया गया कि वास्तविकता में मणिनाथ पुलिस चौकी नगर निगम की चुंगी से अलग सड़क पर संचालित हो रही है, जबकि किराया किसी अन्य कमरे के नाम पर जारी रहा। संगठन ने इसे राजस्व को नुकसान पहुंचाने और विभागीय गुमराह का मामला बताया है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि उक्त कमरे का किराया महज 125 रुपये प्रतिमाह निर्धारित है, लेकिन उसकी उपयोगिता संदिग्ध होने के बावजूद भुगतान जारी रहा। संगठन का कहना है कि यह कमरा न तो पुलिस के काम आ रहा है और न ही क्षेत्रवासियों के लिए उपयोगी है, बल्कि यह एक प्रकार से बोझ बन चुका है।
स्थानीय लोगों ने भी इस मुद्दे पर नाराजगी जताई है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। संगठन ने एसपी से अनुरोध किया है कि पूरे प्रकरण की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और अवैध रूप से दिए जा रहे किराए पर तुरंत रोक लगाई जाए।
अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इस खुलासे को कितनी गंभीरता से लेते हुए क्या कदम उठाता है।