पुलिस चौकी पर बवाल: गेट तोड़ने और लूटपाट के आरोप में चौकी इंचार्ज पर कार्रवाई की मांग

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पुलिस चौकी पर बवाल: गेट तोड़ने और लूटपाट के आरोप में चौकी इंचार्ज पर कार्रवाई की मांग

15 साल पुरानी चौकी पर विवाद, वकील से मारपीट और धमकी का आरोप, नोटिस जारी

जर्जर कमरे को लेकर बढ़ा विवाद, पुलिसकर्मियों पर अवैध वसूली और उत्पीड़न के आरोप

रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता

बरेली ! बरेली में पुलिस चौकी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। चौकी इंचार्ज और दो सिपाहियों पर गेट तोड़कर घर में घुसने, लूटपाट करने और महिलाओं से अभद्रता करने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामले में अब तक कार्रवाई न होने से नाराज संगठन पदाधिकारियों ने दोषी पुलिसकर्मियों के निलंबन की मांग उठाई है।

गरीब शक्ति दल के पदाधिकारियों ने बताया कि 16 मार्च को चौकी इंचार्ज रणवीर सिंह और सिपाही विनय यादव समेत अन्य पुलिसकर्मी कथित तौर पर एक मकान में जबरन घुस गए। आरोप है कि उन्होंने गेट तोड़ा, घर में तोड़फोड़ की और लूटपाट की। विरोध करने पर महिलाओं के साथ गाली-गलौज की गई और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई।

संगठन प्रमुख मनोज विकेट ने बताया कि इस मामले में कई बार शिकायत के बावजूद पुलिस प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके विरोध में उन्होंने अपने लीगल एडवाइजर संजय सक्सेना एडवोकेट के माध्यम से ट्रांसफर ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट 1882 की धारा 106 और 80 सीपीसी के तहत एसएसपी, एसपी और थाना सुभाषनगर को नोटिस भेजा है।

बताया जा रहा है कि मणिनाथ पुलिस चौकी पिछले करीब 15 वर्षों से सड़क पार नगर निगम की चुंगी में संचालित हो रही है। वहीं, जिस कमरे को वर्ष 1983 में चौकी के लिए दिया गया था, उसका किरायानामा 1986 में ही रद्द हो चुका है। इसके बावजूद उस जर्जर कमरे का उपयोग जारी रखा गया।

मकान मालिक का आरोप है कि कमरे की हालत बेहद खराब है और वह कभी भी गिर सकता है, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है। इसके अलावा आरोप लगाया गया कि उक्त स्थान को पुलिसकर्मियों ने अवैध गतिविधियों और वसूली का अड्डा बना रखा था, जिसका विरोध करने पर यह विवाद हुआ।

संगठन पदाधिकारियों ने पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और पीड़ित पक्ष को सुरक्षा प्रदान की जाए।

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta