
1 अप्रैल से अब अंडों पर ‘एक्सपायरी डेट’ अनिवार्य? सरकार की सख्ती से बाजार में मची हलचल
लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में अंडा व्यापारियों की बढ़ी चिंता—नियम सही, लेकिन किसानों को न हो नुकसान
रिपोर्ट :सौरभ गुप्ता
लखनऊ! राजधानी लखनऊ में अंडों को लेकर जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। 1 अप्रैल 2026 से अंडों पर एक्सपायरी डेट लिखना अनिवार्य करने की तैयारी की खबर से बाजार में हलचल मच गई है। माना जा रहा है कि इस कदम से उपभोक्ताओं को यह साफ जानकारी मिल सकेगी कि वे जो अंडा खरीद रहे हैं, वह कितना ताज़ा है।
हालांकि इस संभावित नियम को लेकर अंडा व्यापारियों और किसानों के बीच मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। भारत 24 की टीम ने जब स्थानीय अंडा विक्रेताओं से बातचीत की, तो उन्होंने इस पहल का समर्थन तो किया, लेकिन साथ ही सरकार को सावधान रहने की सलाह भी दी।
एक अंडा विक्रेता ने कहा कि एक्सपायरी डेट लिखना ग्राहकों के हित में सही कदम है, इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों को बेहतर गुणवत्ता का अंडा मिल सकेगा। लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि इस नियम के चलते किसानों और व्यापारियों को आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े।
लखनऊ और आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर अंडा उत्पादन होता है। ऐसे में यदि सप्लाई चेन में किसी तरह की देरी होती है, तो इसका सीधा असर किसानों पर पड़ सकता है। किसानों की मांग है कि सरकार ऐसी व्यवस्था बनाए जिससे उनका उत्पाद समय पर बाजार तक पहुंचे और खराब होने से बच सके।
इस मुद्दे पर जब खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) के अपर आयुक्त से फोन पर बात की गई, तो उन्होंने साफ किया कि फिलहाल विभाग को इस संबंध में कोई लिखित एडवाइजरी प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि जैसे ही आधिकारिक निर्देश जारी होंगे, उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई और व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
अब सबकी नजरें सरकार की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं। अगर यह नियम लागू होता है, तो अंडे की खरीद-बिक्री के तरीके में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है—जहां ग्राहक ज्यादा जागरूक होंगे, वहीं व्यापारियों और किसानों के लिए नई चुनौतियां भी सामने आएंगी।