
मोदी-वरुण मुलाकात से बदले सियासी समीकरण? मेनका गांधी परिवार की नाराज़गी खत्म होने के संकेत, यामिनी रॉय चौधरी को मिल सकता है बड़ा मौका
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
नई दिल्ली। राजनीति के गलियारों में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। पूर्व सांसद Varun Gandhi की प्रधानमंत्री Narendra Modi से मुलाकात ने कई अटकलों को जन्म दे दिया है। चर्चा है कि क्या अब गांधी परिवार और भाजपा नेतृत्व के बीच चली आ रही दूरी खत्म होने की ओर है।
लोकसभा चुनाव 2024 के बाद पहली बार हुई इस मुलाकात में वरुण गांधी अपनी पत्नी यामिनी रॉय चौधरी और बेटी के साथ प्रधानमंत्री आवास पहुंचे। मुलाकात के बाद वरुण गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री मोदी के प्रति सम्मान जताया और इसे मार्गदर्शन व आशीर्वाद प्राप्त करने का अवसर बताया।
बंगाल चुनाव में मिल सकता है बड़ा मौका
सूत्रों की मानें तो पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा यामिनी रॉय चौधरी को चुनाव मैदान में उतार सकती है। अगर ऐसा होता है तो यह गांधी परिवार की सक्रिय राजनीति में वापसी का संकेत माना जाएगा।
यूपी की राजनीति में भी बढ़ सकती है सक्रियता
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी वरुण गांधी की भूमिका बढ़ सकती है। अगले विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी नए समीकरण साधने में जुटी हुई है।
पहले रहे हैं आलोचनात्मक रुख में
गौरतलब है कि 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले वरुण गांधी कई बार भाजपा और केंद्र सरकार की नीतियों की खुलकर आलोचना कर चुके हैं। यही वजह रही कि उन्हें पीलीभीत से टिकट नहीं मिला था।
इतना ही नहीं, सुल्तानपुर में अपनी मां Maneka Gandhi के चुनाव प्रचार के दौरान भी उनका अंदाज अलग नजर आया था। उन्होंने न तो पार्टी का प्रतीक चिन्ह धारण किया और न ही मंच पर पार्टी का झंडा दिखाई दिया, जिससे उनकी नाराज़गी साफ झलक रही थी।
क्या खत्म होगा सियासी वनवास?
अब प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या वरुण गांधी का सियासी वनवास खत्म होने जा रहा है। आने वाले चुनावों में उनकी और उनके परिवार की भूमिका क्या होगी, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।