बरेली में मिलावटखोरों पर कसा शिकंजा: फरवरी में 35 मामलों में फैसला, करीब 9.87 लाख का जुर्माना

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बरेली में मिलावटखोरों पर कसा शिकंजा: फरवरी में 35 मामलों में फैसला, करीब 9.87 लाख का जुर्माना

अधोमानक दूध, पनीर, तेल, मसाले समेत कई खाद्य पदार्थों के मामले में कार्रवाई

अलग-अलग आरोपियों पर 10 हजार से 70 हजार तक का जुर्माना

मिश्रित दूध, बेसन, सोनपापड़ी और सरसों के तेल के नमूने फेल

बिना पंजीकरण मीट कारोबार करने पर भी भारी अर्थदंड

रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता

बरेली। खाद्य पदार्थों में मिलावट और नियमों की अनदेखी करने वालों पर न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम) बरेली की अदालत ने फरवरी 2026 के दौरान खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत लंबित मामलों में सुनवाई करते हुए 35 मामलों में निर्णय सुनाया। इन मामलों में विभिन्न आरोपियों पर कुल करीब 9 लाख 87 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।

खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लिए गए नमूनों की जांच में दूध, पनीर, दही, सरसों का तेल, हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर, मावा, सेवई और मूंगफली दाना जैसे कई खाद्य पदार्थ अधोमानक पाए गए थे। अदालत ने इन मामलों में दोषी पाए गए कारोबारियों पर 10 हजार से लेकर 70 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया है।

प्रेमनगर क्षेत्र के निवासी नवी के यहां से लिया गया मिश्रित दूध का नमूना अधोमानक पाया गया। इस पर अदालत ने 45 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। इसी तरह शरीफ नगर निवासी मोहम्मद फैजान के यहां से लिए गए खाद्य पदार्थ के नमूने के अधोमानक मिलने पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।

बहेड़ी निवासी पंकज अग्रवाल के खाद्य पदार्थ का नमूना फेल होने पर 30 हजार रुपये और अंगदपुर खगरिया निवासी राम भरोसे के यहां से लिए गए सरसों के तेल के नमूने के अधोमानक मिलने पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।

रामपुर जनपद के खजुरिया क्षेत्र के निवासी संजीव कुमार के यहां से लिए गए खाद्य पदार्थ में विनियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं अलीगंज क्षेत्र के जुबैद फरीदी के यहां से ली गई सोनपापड़ी मिथ्याछाप पाई गई, जिस पर अदालत ने 46 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।

इसके अलावा अंकित गुप्ता के यहां से लिया गया बेसन अधोमानक पाया गया, जिस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। मीरगंज क्षेत्र के असगर अली बिना आवश्यक मीट पंजीकरण के कारोबार करते पाए गए, इस पर अदालत ने 45 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।

खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। अधिकारियों ने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला होने के कारण ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जा रही है।

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta