
लापरवाही का गड्ढा बना मौत का फंदा, खेलते-खेलते गंदे पानी में गिरी तीन साल की साक्षी
सुरक्षा इंतजाम न होने पर ग्राम प्रधान पर लगे गंभीर आरोप
पहले भी हो चुके हादसे, फिर क्यों नहीं चेता प्रशासन? जिम्मेदार कौन?
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली। मीरगंज थाना क्षेत्र के गांव सिमरिया में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। घर के बाहर खेल रही तीन वर्षीय मासूम साक्षी की गंदे पानी से भरे गड्ढे में गिरने से मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, वहीं गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
परिजनों के मुताबिक, दोपहर के समय साक्षी घर के बाहर खेल रही थी। गांव के बाहर जल निकासी के लिए एक गड्ढा खुदवाया गया था, जिसमें आसपास के कई घरों का गंदा पानी जमा हो रहा था। खेलते-खेलते बच्ची अचानक उसी गड्ढे में जा गिरी। जब तक परिजन मौके पर पहुंचते और उसे बाहर निकालते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मासूम को तत्काल बाहर निकाला गया, लेकिन उसकी सांसें थम चुकी थीं।
सुरक्षा इंतजाम पर उठे सवाल
मृतका के पिता छोटेलाल ने आरोप लगाया कि गड्ढा बिना किसी घेराबंदी, चेतावनी बोर्ड या ढक्कन के खुला छोड़ दिया गया था। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए होते तो यह हादसा टाला जा सकता था। परिजनों ने ग्राम प्रधान की लापरवाही को इस दुखद घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
कुछ समय पूर्व भोजीपुरा थाना क्षेत्र में भी नाले में डूबने से एक मासूम की जान चली गई थी। उस घटना के बाद प्रशासन ने सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू करने का दावा किया था, लेकिन ताजा हादसा उन दावों की पोल खोलता नजर आ रहा है।
लगातार हो रही ऐसी घटनाएं ग्रामीण इलाकों में खुले गड्ढों और अधूरे निर्माण कार्यों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांवों में जल निकासी और निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसा असहनीय दुख न झेलना पड़े।