रातों-रात खेत बने गड्ढे, ऊंचागांव में अवैध खनन पर भड़के ग्रामीण

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रातों-रात खेत बने गड्ढे, ऊंचागांव में अवैध खनन पर भड़के ग्रामीण

खनन माफिया बेलगाम, किसानों की जमीन तबाह कर सिटी मजिस्ट्रेट से लगाई गुहार

जेसीबी-डंपरों से अवैध खनन, फसलें उजड़ीं… कार्रवाई न हुई तो आंदोलन की चेतावनी

रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता

बरेली। थाना सुभाषनगर क्षेत्र के गांव ऊंचागांव में अवैध खनन को लेकर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि दबंग खनन माफियाओं ने रात के अंधेरे में जेसीबी मशीनों और डंपरों की मदद से किसानों के खेतों से बड़े पैमाने पर मिट्टी का खनन कर लिया। इससे उपजाऊ खेत गहरे गड्ढों और तालाब जैसी स्थिति में तब्दील हो गए हैं।

पीड़ित किसानों का कहना है कि न तो उनसे कोई अनुमति ली गई और न ही किसी प्रकार का मुआवजा दिया गया। जब ग्रामीणों ने इसका विरोध किया तो कथित तौर पर खनन कराने वालों ने उन्हें धमकियां दीं। किसानों के अनुसार खेती ही उनकी आजीविका का एकमात्र साधन है, लेकिन अवैध खनन ने उनकी जमीन को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है।

मामले से आक्रोशित ग्रामीणों ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

ज्ञापन देने वालों में जितेंद्र पाल, प्रकाश चंद, रामोतार, अमन, अर्जुन, सुनीता, कृष्णा, सुमन, मेवाराम, तोताराम, मुरारीलाल, छत्रपाल, तेजपाल, पवन कुमार, धर्मेंद्र सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।

ग्रामवासी निशा ने कहा, “हमारे खेतों से बिना बताए मिट्टी निकाल ली गई। अब वहां खेती नहीं हो सकती। प्रशासन से न्याय की उम्मीद है।”

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta