
टी20 वर्ल्ड कप से पहले टीम इंडिया को झटका, अभिषेक शर्मा अस्पताल में भर्ती
नामीबिया मैच से पहले बढ़ी चिंता, पेट संक्रमण से जूझ रहे अभिषेक शर्मा
ओपनर अभिषेक की तबीयत बिगड़ी, प्लेइंग इलेवन पर सस्पेंस बरकरार
टीम इंडिया को बड़ा झटका, पेट संक्रमण के चलते अस्पताल में भर्ती हुए अभिषेक शर्मा
रिपोर्ट : नई दिल्ली, ब्यूरो!
नई दिल्ली। आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप के दूसरे मुकाबले से पहले भारतीय टीम को बड़ा झटका लगा है। टीम के आक्रामक सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की तबीयत अचानक बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पेट में संक्रमण की शिकायत के चलते वह फिलहाल चिकित्सकीय निगरानी में हैं। ऐसे में गुरुवार को नामीबिया के खिलाफ होने वाले मुकाबले में उनके खेलने पर संशय बना हुआ है।
सूत्रों के अनुसार अभिषेक अमेरिका के खिलाफ खेले गए पहले मुकाबले से पहले ही अस्वस्थ महसूस कर रहे थे। सात फरवरी को खेले गए टूर्नामेंट के ओपनर के बाद उनकी हालत और बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि उन्हें तेज बुखार भी था, जिसके बाद तत्काल ड्रिप लगाई गई।
बाएं हाथ के बल्लेबाज ने अरुण जेटली स्टेडियम में आयोजित टीम के पहले अभ्यास सत्र में हिस्सा नहीं लिया। भारतीय टीम प्रबंधन की ओर से आधिकारिक तौर पर “पेट खराब” होने की जानकारी दी गई है, लेकिन अंदरूनी सूत्र संक्रमण की बात कह रहे हैं।
सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने मीडिया से बातचीत में कहा, “अभिषेक को अभी पेट से जुड़ी परेशानी है। हमें उम्मीद है कि अगले दो दिनों में वह फिट होकर टीम से जुड़ सकते हैं।”

टूर्नामेंट के पहले मुकाबले में अभिषेक खाता खोले बिना आउट हो गए थे। इसके बाद वह मैदान पर फील्डिंग के लिए भी नहीं उतरे। संजू सैमसन ने पूरे मुकाबले में फील्डिंग की जिम्मेदारी निभाई। उस दौरान टीम संयोजन में कुछ असामान्य स्थितियां भी देखने को मिलीं। वाशिंगटन सुंदर अभी टीम से नहीं जुड़े थे, जबकि जसप्रीत बुमराह भी पूरी तरह फिट नहीं थे।
अभिषेक मैच के बाद टीम के साथ नजर नहीं आए। हालांकि वह टीम के साथ दिल्ली पहुंचे थे, लेकिन पिछले 24 घंटों में उनकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ। मुख्य कोच गौतम गंभीर भी उनकी स्थिति को लेकर चिंतित बताए जा रहे हैं।
टीम प्रबंधन अब उनकी फिटनेस रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। यदि अभिषेक समय पर फिट नहीं हो पाते हैं तो प्लेइंग इलेवन में बदलाव तय माना जा रहा है। नामीबिया के खिलाफ मुकाबले से पहले यह स्थिति टीम के लिए रणनीतिक रूप से अहम हो गई है।