
जनगणना 2027: अब सिर्फ आबादी नहीं, घर की छत से लेकर रसोई का चूल्हा और इंटरनेट तक बनेगा देश का सामाजिक नक्शा
जनगणना 2027 में बदलेगा गणना का तरीका, 33 सवालों से होगी हर घर की पूरी पड़ताल
डिजिटल जनगणना 2027: कौन कैसे रहता है, किसके पास क्या सुविधा—सब होगा दर्ज
रिपोर्ट : नई दिल्ली, ब्यूरो
नई दिल्ली। देश में होने वाली अगली जनगणना महज जनसंख्या गिनने तक सीमित नहीं रहेगी। जनगणना-2027 के जरिए सरकार को देश के हर घर की सामाजिक और आर्थिक तस्वीर मिलेगी। इस बार घर-घर जाकर 33 अहम सवाल पूछे जाएंगे, जिनसे यह पता चलेगा कि लोग किस तरह के मकान में रहते हैं, खाना किस ईंधन पर पकता है, शौचालय और पानी की सुविधा है या नहीं और इंटरनेट जैसी आधुनिक सुविधाएं घर तक पहुंची हैं या नहीं।
सरकारी तैयारियों के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल टैबलेट के जरिए की जाएगी, ताकि आंकड़े अधिक सटीक हों और योजनाएं जमीनी हकीकत के आधार पर बनाई जा सकें।
घर की बनावट से होगी शुरुआत
जनगणना कर्मी सबसे पहले मकान की पहचान से जुड़ी जानकारी दर्ज करेंगे। इसमें भवन संख्या और जनगणना मकान नंबर शामिल होंगे। इसके बाद मकान की संरचना पर सवाल होंगे—फर्श, दीवार और छत किस सामग्री की बनी है, मकान रिहायशी है या व्यावसायिक, और उसकी वर्तमान स्थिति कैसी है।
साथ ही यह भी पूछा जाएगा कि परिवार मुख्य रूप से किस अनाज का उपभोग करता है। संपर्क के लिए एक मोबाइल नंबर भी लिया जाएगा, जिसका उपयोग केवल जनगणना संबंधी सूचनाओं के लिए होगा।
परिवार की सामाजिक तस्वीर होगी साफ
इसके बाद परिवार से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी। घर में रहने वाले सदस्यों की संख्या, परिवार के मुखिया का नाम, लिंग और सामाजिक वर्ग की जानकारी दर्ज की जाएगी। घर में रहने वाले विवाहित दंपत्तियों की संख्या भी नोट की जाएगी, जिससे पारिवारिक ढांचे का आकलन किया जा सके।
कितने कमरे, किसका मकान
जनगणना में यह भी पूछा जाएगा कि मकान खुद का है या किराये का। रहने के लिए परिवार के पास कितने कमरे हैं, यह जानकारी भी ली जाएगी। इससे शहरी और ग्रामीण इलाकों में भीड़भाड़ और आवासीय स्थिति की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
पानी, बिजली और शौचालय की स्थिति
पीने के पानी का स्रोत क्या है, पानी घर में उपलब्ध है या बाहर से लाना पड़ता है—इन सवालों के साथ रोशनी का मुख्य साधन भी दर्ज होगा। घर में शौचालय है या नहीं, है तो किस प्रकार का, गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था और स्नानगृह की उपलब्धता भी जनगणना का हिस्सा होगी।
रसोई और ईंधन पर भी नजर
यह भी जाना जाएगा कि घर में अलग रसोई है या नहीं। खाना पकाने के लिए गैस, लकड़ी, कोयला या अन्य किस ईंधन का उपयोग होता है। एलपीजी या पीएनजी कनेक्शन की जानकारी से उज्ज्वला जैसी योजनाओं की जमीनी स्थिति का आकलन किया जाएगा।
डिजिटल सुविधाओं की भी गिनती
जनगणना-2027 में यह भी दर्ज होगा कि घर डिजिटल रूप से कितना जुड़ा है। रेडियो, टीवी, कंप्यूटर, लैपटॉप, इंटरनेट, मोबाइल और स्मार्टफोन जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं—यह सब पूछा जाएगा। इससे डिजिटल इंडिया की पहुंच का स्पष्ट आंकलन संभव होगा।
वाहनों से झलकेगी आर्थिक स्थिति
परिवार के पास साइकिल, स्कूटर, मोटरसाइकिल या चार पहिया वाहन है या नहीं, इसकी जानकारी भी ली जाएगी। यह आंकड़े परिवार की आर्थिक स्थिति को समझने में मदद करेंगे।
दो चरणों में होगी जनगणना :-
जनगणना-2027 दो चरणों में कराई जाएगी।
पहला चरण (अप्रैल से सितंबर 2026): मकान सूचीकरण और आवास से जुड़ी जानकारी
दूसरा चरण (फरवरी 2027): वास्तविक जनसंख्या गणना
पूरे देश के लिए संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 की मध्यरात्रि तय की गई है।
सीमा स्थिरीकरण लागू……
सरकार की अधिसूचना के अनुसार 31 दिसंबर 2025 से 31 मार्च 2027 तक किसी भी ग्रामीण या शहरी प्रशासनिक इकाई की सीमा में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
डिजिटल और जियो-स्पैशियल तकनीक का इस्तेमाल
इस बार जनगणना में जियो-स्पैशियल डेटा और एनालिटिक्स का भी उपयोग किया जाएगा, जिससे हर मकान का डिजिटल मैप तैयार होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह जनगणना आने वाले वर्षों की आवास, स्वच्छता, ऊर्जा और डिजिटल कनेक्टिविटी से जुड़ी नीतियों की मजबूत आधारशिला बनेगी।