कहीं आपने भी तो नहीं खा ली नकली Liv-52 DS? यूपी में फैला खतरनाक फर्जीवाड़ा, मरीजों की सेहत से खिलवाड़

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कहीं आपने भी तो नहीं खा ली नकली Liv-52 DS? यूपी में फैला खतरनाक फर्जीवाड़ा, मरीजों की सेहत से खिलवाड़

Liv-52 DS के नाम पर बड़ा खेल! गाजियाबाद से अलीगढ़ तक पहुंची नकली दवा की सप्लाई

फर्जी GST और नकली लाइसेंस के सहारे बिक रही थी Liv-52 DS, हिमालय कंपनी की जांच में खुलासा

लिवर की दवा या ज़हर? नकली Liv-52 DS का नेटवर्क बेनकाब, पुलिस जांच में जुटी

रिपोर्ट : गाजियाबाद ब्यूरो

गाजियाबाद! उत्तर प्रदेश में नकली दवाओं के काले कारोबार का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। लिवर को सुरक्षित रखने का दावा करने वाली मशहूर दवा Liv-52 DS के नाम पर बाजार में पूरी तरह फर्जी टैबलेट सप्लाई किए जाने का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। इस खुलासे के बाद मरीजों से लेकर दवा विक्रेताओं तक में हड़कंप मच गया है।

मामला गाजियाबाद के मुरादनगर क्षेत्र से जुड़ा है, जहां आदर्श कॉलोनी में एनपी ट्रेडिंग कंपनी के नाम से एक फर्जी फर्म खड़ी कर नकली Liv-52 DS की सप्लाई की जा रही थी। इस दवा को हिमालय वेलनेस इंडिया कंपनी की असली दवा बताकर बाजार में उतारा जा रहा था।

पैकेजिंग पर शक, फिर खुली पोल

इस पूरे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश तब हुआ, जब अलीगढ़ के एक मेडिकल स्टोर संचालक को दवा की पैकेजिंग संदिग्ध लगी। शक होने पर उसने सीधे हिमालय वेलनेस कंपनी को सूचना दी। कंपनी ने जब अपनी लैब में दवा की जांच कराई, तो रिपोर्ट ने सबको चौंका दिया—

दवा 100% नकली पाई गई।

ट्रांसपोर्ट के जरिए होती थी सप्लाई

जांच में सामने आया है कि नकली Liv-52 DS की ढुलाई हरीश ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन के माध्यम से की जा रही थी। पैकेट पर भेजने वाले के तौर पर एनपी ट्रेडिंग कंपनी, मुरादनगर का नाम दर्ज था।

जब कंपनी और पुलिस की टीम बताए गए पते पर पहुंची, तो वहां

❌ न कोई फर्म मिली

❌ न कोई गोदाम

❌ और न ही कोई फैक्टरी

फर्म का कथित संचालक मुकेश कुमार भी संपर्क से बाहर बताया जा रहा है।

फर्जी दस्तावेजों का सहारा

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क को

✔️ फर्जी GST नंबर

✔️ नकली औषधि लाइसेंस के सहारे चलाया जा रहा था। इन्हीं कागजों के दम पर नकली दवाओं को असली बताकर बाजार में खपाया जा रहा था।

अलीगढ़ तक पहुंची नकली दवा, बढ़ी चिंता

नकली Liv-52 DS की सप्लाई अलीगढ़ तक पहुंच चुकी थी, जिससे यह आशंका और गहरा गई है कि बड़ी संख्या में मरीज इस फर्जी दवा का सेवन कर चुके होंगे।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी नकली दवाएं इलाज करने के बजाय मरीज की हालत और बिगाड़ सकती हैं, जिससे जनस्वास्थ्य पर गंभीर खतरा पैदा हो जाता है।

पुलिस जांच तेज, नेटवर्क खंगालने में जुटी एजेंसियां

हिमालय वेलनेस कंपनी की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि

पूरे सप्लाई चेन की गहराई से जांच की जाएगी

नकली दवा रैकेट से जुड़े हर व्यक्ति पर सख्त कार्रवाई होगी

ट्रांसपोर्टर की भूमिका की भी जांच की जा रही है

अब सबसे बड़ा सवाल यही है—

नकली Liv-52 DS की सप्लाई यूपी के और किन जिलों तक पहुंची?

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta