
मेरठ की दो हत्याओं से उभरा जातीय आतंक का सवाल, बरेली में भीम आर्मी का जोरदार प्रदर्शन
रिपोर्ट/सौरभ गुप्ता
बरेली! मेरठ जनपद के थाना सरधना क्षेत्र के कपसाड़ और ज्वालागढ़ गांवों में हुई दो नृशंस हत्याओं ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अनुसूचित और पिछड़ा समाज से जुड़े लोगों के खिलाफ हुई इन घटनाओं को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
सोमवार को बरेली में भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति के नाम संयुक्त ज्ञापन सौंपा।
ज्वालागढ़ गांव में कश्यप समाज के युवक रानू कश्यप की निर्मम हत्या का मामला सामने आया है। आरोप है कि युवक को पहले शराब पिलाई गई, इसके बाद करीब 80 हजार रुपये लूटे गए और अंत में उसे जिंदा जला दिया गया।
इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। वहीं, कपसाड़ गांव में सुनीता नामक महिला की हत्या से दहशत का माहौल बना हुआ है।
पीड़ित परिवारों का आरोप है कि दोनों मामलों में अब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं किए गए हैं, जिससे उन्हें लगातार जान का खतरा बना हुआ है। परिवारों का कहना है कि प्रशासन की ढिलाई के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
इन घटनाओं को जातीय और सामाजिक आतंक बताते हुए भीम आर्मी ने कड़ा विरोध दर्ज कराया।
संगठन की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा, परिवार के सदस्यों को सशस्त्र सुरक्षा, स्थायी पुनर्वास, मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन और आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनों के तहत कार्रवाई की मांग की गई है।
भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने सोमवार दोपहर लगभग 1:00 बजे जिलाधिकारी कार्यालय, बरेली पर प्रदर्शन के दौरान कहा कि यदि पीड़ितों को जल्द न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिला।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पीड़ित परिवारों को समय पर न्याय मिलेगा और क्या दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। पूरे मामले पर प्रदेश भर की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।