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लोहड़ी की शाम बेटियों के नाम: पंजाबी महासभा ने रच दिया सामाजिक संदेश

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लोहड़ी की शाम बेटियों के नाम: पंजाबी महासभा ने रच दिया सामाजिक संदेश

चार नवजात बेटियों की पहली लोहड़ी मनाकर दिया समानता का संदेश

संस्कृति, उत्सव और संस्कार का संगम बना लोहड़ी महोत्सव

रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता

बरेली। ऊर्जा, उमंग और सकारात्मकता का प्रतीक पंजाबी समाज का प्रमुख पर्व लोहड़ी इस वर्ष भी पंजाबी महासभा द्वारा भव्य और भावनात्मक रूप से हवेली रिज़ॉर्ट में मनाया गया। पिछले कई वर्षों से बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करने की अनूठी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस बार कार्यक्रम का नाम “लोहड़ी की शाम बेटियों के नाम” रखा गया, जिसने पूरे शहर में एक सकारात्मक सामाजिक संदेश दिया।

लोहड़ी पर्व सर्दी की विदाई और नई फसल व नए मौसम के स्वागत का प्रतीक है। परंपरानुसार अग्नि प्रज्ज्वलन कर उसमें रेवड़ी, गुड़ और मूंगफली अर्पित की गई। ढोल की थाप पर भांगड़ा और गिद्धा ने माहौल को उत्सवमय बना दिया। रंग-बिरंगी पंजाबी वेशभूषा में सजे महिलाएं और बच्चे कार्यक्रम की शोभा बढ़ाते नजर आए। कार्यक्रम में 148 प्रकार के व्यंजनों के स्टॉल भी लगाए गए, जिसने लोगों को खासा आकर्षित किया।

पंजाबी महासभा ने समाज में बेटे-बेटी के भेद को समाप्त करने की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए चार नवजात बेटियों—रबनूर सहगल, अयंशा कथूरिया, शिवाया वाधावां और अनायशा आहूजा की पहली लोहड़ी मनाई और उन्हें उपहार देकर सम्मानित किया।

महासभा के अध्यक्ष संजय आनंद ने कहा कि बेटा और बेटी दोनों समान हैं, इसी भावना के साथ हर वर्ष बेटियों के जन्म पर परिवारों को सम्मानित किया जाता है। महिला अध्यक्ष मनीषा आहूजा ने कहा कि ऐसे पर्व हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं, जिनके माध्यम से नई पीढ़ी को परंपराओं से जोड़ने और उनमें आत्मविश्वास व जोश भरने का कार्य किया जाता है।

कार्यक्रम में लकी ड्रॉ का आयोजन भी किया गया, जिसमें प्रथम पुरस्कार टीवी, द्वितीय पुरस्कार वॉशिंग मशीन और तृतीय पुरस्कार माइक्रोवेव रहा। प्रसिद्ध गायक नवाब साहब की पंजाबी प्रस्तुतियों ने कड़कती ठंड में भी लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। अतिथियों का स्वागत विशेष रूप से तैयार मखाने की माला से किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शशांक भाटिया (प्रांत संघ चालक, आरएसएस) और डॉ. अरुण कुमार सक्सेना (वन एवं पर्यावरण मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार) उपस्थित रहे। इसके अलावा दुर्विजय सिंह शाक्य, बलदेव सिंह औलख, रमित शर्मा, संजीव अग्रवाल, राजीव गुंबर, हरविंदर कुमार साहनी, तिलक राज बेहड़, शिव अरोरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मंचासीन अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।

मुख्य अतिथि शशांक भाटिया ने कहा कि बेटियों के जन्म पर लोहड़ी मनाने की यह परंपरा समाज के लिए प्रेरणादायी है। वहीं दुर्विजय सिंह शाक्य ने कहा कि पंजाबी महासभा पिछले एक दशक से समाजहित में निरंतर सराहनीय कार्य कर रही है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश महामंत्री एवं महानगर अध्यक्ष संजय आनंद ने की। संचालन यतिन भाटिया और मनीषा आहूजा ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में महासभा के पदाधिकारियों, सदस्यों एवं प्रायोजकों का विशेष योगदान रहा।

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta