
बरेली बार चुनाव 2026: मनोज हरित–दीपक पांडेय की जोड़ी ने फिर मारी बाज़ी
कांटे की टक्कर, भारी जीत और रिकॉर्ड वोट—बार चुनाव बना चर्चा का केंद्र
परिणाम आते ही गूंजा बार परिसर, मिठाइयों और नारों से जश्न का माहौल
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली। बरेली बार एसोसिएशन के द्विवार्षिक चुनाव–2026 के नतीजे घोषित होते ही बार परिसर जश्न में डूब गया। इस चुनाव में अनुभव और नेतृत्व को अधिवक्ताओं का भरपूर समर्थन मिला। अध्यक्ष पद पर निवर्तमान अध्यक्ष मनोज हरित ने एक बार फिर जीत दर्ज कर अपनी मजबूत पकड़ साबित की, जबकि सचिव पद पर दीपक पांडेय ने बेहद रोमांचक मुकाबले में बाज़ी मार ली।

अध्यक्ष पद पर मनोज हरित ने अपने प्रतिद्वंदी ज्वाला प्रसाद गंगवार को 123 वोटों से हराकर लगातार दूसरी बार अध्यक्ष पद अपने नाम किया। उनकी जीत को युवा और वरिष्ठ अधिवक्ताओं के व्यापक समर्थन के रूप में देखा जा रहा है। प्रचार के दौरान सक्रिय जनसंपर्क और विकास के वादे उनकी जीत की बड़ी वजह बने।
कनिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर रजत मोहन ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 514 वोटों के भारी अंतर से जीत हासिल की। उन्हें 1029 वोट, जबकि प्रतिद्वंदी नसीम सैफी को 515 वोट मिले।
उपाध्यक्ष पद पर हुलासी राम ने 50 वोटों से जीत दर्ज की।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर सबसे करीबी मुकाबले में जयपाल कश्यप ने मात्र 21 वोटों से जीत हासिल की।
सबसे ज्यादा चर्चा सचिव पद को लेकर रही, जहां आखिरी दौर तक परिणाम को लेकर सस्पेंस बना रहा। अंततः दीपक पांडेय ने गौरव राठौर को 24 वोटों से पराजित कर सचिव पद पर जीत दर्ज की।
संयुक्त सचिव (प्रकाशन) पद पर शांतनु मिश्रा ने शानदार जीत दर्ज की। उन्हें 881 वोट मिले, जबकि प्रतिद्वंदी रीना सिंह को 419 वोट प्राप्त हुए। यह मुकाबला 438 वोटों के बड़े अंतर से जीता गया, जो चुनाव की सबसे बड़ी जीतों में शामिल रही।
संयुक्त सचिव (प्रशासन) पद पर रोहित कुमार यादव ने 234 वोटों से बाज़ी मारी।
कोषाध्यक्ष पद पर धर्मवीर सिंह ने 267 वोटों के अंतर से जीत हासिल की।
पुस्तकालय सचिव पद पर मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जहां सौरभ अग्निहोत्री ने सिर्फ 19 वोटों से जीत दर्ज की।
जूनियर कार्यकारिणी के लिए :
हेमंत भाई, पूजा साहू, रविकर यादव, विनीत सक्सेना, मध्यम सक्सेना और रोहित गंगवार निर्वाचित घोषित किए गए।
नतीजे आते ही बार परिसर में ढोल-नगाड़ों, मिठाइयों और नारों के साथ जश्न मनाया गया।
अधिवक्ताओं ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों से उम्मीद जताई कि वे पारदर्शी कार्यशैली अपनाते हुए बार एसोसिएशन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे और अधिवक्ताओं की समस्याओं का प्रभावी समाधान करेंगे।