
“अब अमेरिका मज़ाक नहीं है”: बोले ट्रम्प, चार दिन की गुप्त तैयारी के बाद एक्शन में अमेरिका, वेनेजुएला पर अंधेरे में हुआ ऑपरेशन….
ट्रंप का दावा: सुनियोजित सैन्य अभियान में मादुरो को किया गया काबू
रिपोर्ट : अंतरराष्ट्रीय मीडिया
वॉशिंगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला में अंजाम दिए गए एक बड़े सैन्य अभियान को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। ट्रंप के मुताबिक, इस ऑपरेशन की तैयारी पिछले चार दिनों से लगातार चल रही थी, लेकिन मौसम की अनुकूलता न होने के कारण कार्रवाई को टालना पड़ा। सही वक्त मिलते ही अमेरिकी सेना ने तेजी से मिशन को अंजाम दिया।

वेनेजुएला के तेल सेक्टर में बढ़ेगी अमेरिकी दखल, ऊर्जा कंपनियों को निभानी होगी बड़ी भूमिका
शनिवार को मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने साफ संकेत दिए कि वेनेजुएला के तेल उद्योग में अमेरिकी ऊर्जा कंपनियां अहम भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि अमेरिका की तेल कंपनियां दुनिया में सबसे सक्षम और प्रभावशाली हैं और अब वे वेनेजुएला के ऊर्जा क्षेत्र से गहराई से जुड़ेंगी।
ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका इस क्षेत्र में केवल दर्शक बनकर नहीं रहेगा, बल्कि सक्रिय भागीदारी करेगा।

“अब अमेरिका मज़ाक नहीं है”, दुनिया की सबसे ताकतवर सेना का प्रदर्शन

ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि यह अभियान अफगानिस्तान जैसी परिस्थितियों से बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा,
“अब अमेरिका मज़ाक नहीं है। हमारे सैनिक पूरे आत्मविश्वास और ताकत के साथ लौटे हैं।”
उन्होंने अमेरिकी सेना को दुनिया की सबसे बड़ी और शक्तिशाली सेना बताते हुए सैनिकों की बहादुरी और पेशेवर रवैये की सराहना की। साथ ही यह भी संकेत दिए कि वेनेजुएला में सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया में अमेरिका की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
किले जैसे राष्ट्रपति भवन से कैसे पकड़े गए मादुरो, अंधेरे में हुआ ऑपरेशन, हर कदम पहले से था तय
ट्रंप के अनुसार, राष्ट्रपति निकोलस मादुरो एक बेहद सुरक्षित परिसर में मौजूद थे, जिसे किले जैसा बताया गया। मादुरो एक सुरक्षित कक्ष में पहुंचने ही वाले थे, लेकिन उससे पहले ही अमेरिकी बलों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए उन्हें काबू में कर लिया।
जरूरत पड़ने पर स्टील की दीवारें काटने के लिए भारी उपकरण तक तैयार रखे गए थे।
ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने बताया कि इस मिशन की महीनों तक योजना बनाई गई थी। मादुरो की दिनचर्या, सुरक्षा घेरा और ठिकानों का बारीकी से अध्ययन कर रिहर्सल की गई, ताकि किसी भी तरह की चूक न हो।
ऑपरेशन ‘एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ की पूरी टाइमलाइन, 150 से ज्यादा विमान, लड़ाकू जेट और ड्रोन रहे शामिल
मिशन में 150 से अधिक सैन्य विमान शामिल
एफ-18, एफ-22, एफ-35 लड़ाकू जेट, बी-1 बॉम्बर और ड्रोन का इस्तेमाल
राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार रात 10:46 बजे (ईएसटी) ऑपरेशन को मंजूरी दी
अमेरिकी बल शनिवार तड़के 1:01 बजे (ईएसटी) मादुरो के परिसर तक पहुंचे
सुबह 3:29 बजे (ईएसटी) मादुरो को हिरासत में लेकर नौसेना पोत की ओर रवाना
अभियान में शामिल सैनिकों की उम्र 20 से 49 वर्ष के बीच रही
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी पक्ष को कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ, हालांकि कुछ सैनिकों को हल्की चोटें आईं। दूसरी ओर, वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति ने हताहतों का दावा किया है।