प्रधानमंत्री सिंचाई योजना 2.0: मेढ़बंदी का काम कराने के बाद भी श्रमिकों को नहीं मिली मजदूरी,
रिपोर्ट/सौरभ गुप्ता
आलमपुर जाफराबाद विकास खंड के कई गांवों के मजदूर तीन माह से भुगतान का इंतजार, आर्थिक संकट गहराया
बरेली। विकास खंड आलमपुर जाफराबाद के विभिन्न गांवों में प्रधानमंत्री सिंचाई योजना 2.0 के तहत कराए गए मेढ़बंदी कार्य के बाद भी श्रमिकों को अब तक मजदूरी का भुगतान नहीं मिलने से नाराजगी बढ़ती जा रही है।
पीड़ित श्रमिकों का कहना है कि उन्होंने वर्ष 2024–25 में योजना के अंतर्गत निर्धारित कार्य समय पर पूरा किया, बावजूद इसके महीनों बीत जाने के बाद भी उनकी मेहनत की कमाई नहीं दी गई।
श्रमिकों के अनुसार डब्ल्यूडीसी मंगमा, सेंधा, सिरोही, गुंडरिया इकलासपुर, जैतपुर जाफरीपुर, पारा बहुउद्दीनपुर, मकरंदपुर, नौगवां ठाकुरान और प्राथमिक बुजुर्ग सहित कई परियोजनाओं में मेढ़बंदी का कार्य कराया गया था।
कार्य पूर्ण होने के बाद मौके पर नाप-जोख और निरीक्षण भी किया गया। मजदूरों का नामांकन करीब तीन माह तक सूची में दर्ज रहने के बावजूद अब तक भुगतान नहीं किया गया है।
महीपाल, मुकेश, अमरपाल, बाबूराम, महेशपाल, चंद्रप्रकाश, तीर्थ सिंह, संतराम समेत कई श्रमिकों ने बताया कि मजदूरी न मिलने के कारण उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
परिवार का भरण-पोषण मुश्किल हो रहा है और कई मजदूर मजबूरी में गांव छोड़कर बाहर काम करने को विवश हैं।
श्रमिकों ने आरोप लगाया कि बार-बार भुगतान की मांग करने के बावजूद जिम्मेदार विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
मजदूरी की मांग को लेकर रिंकू, केशव, रगनेश, हरवीर, तीरथ सिंह, मुकेश कुमार, अमरपाल, चंद्रप्रकाश, प्रेमपाल, लालाराम, विजेंद्र, दुर्गापाल, महिपाल, संजू, जसपाल सहित बड़ी संख्या में मजदूर एकत्र हुए और भूमि संरक्षण अधिकारी से बकाया मजदूरी शीघ्र दिलाने की मांग की।
मजदूरों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो वे मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा.