
‘जिंगल बेल्स’ का असली सच: क्रिसमस के लिए नहीं बनाया गया यह गाना
विशेष रिपोर्ट – क्रिसमस स्पेशल
नई दिल्ली! हर साल क्रिसमस के मौके पर दुनिया भर में ‘जिंगल बेल्स’ गाना बजे और गाया जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह गीत मूल रूप से क्रिसमस के लिए बनाया ही नहीं गया था?
हमारी खास रिपोर्ट में पढ़िए इसके पीछे की दिलचस्प और हैरान-करने वाली कहानी…
गीत का जन्म और असली इतिहास :
कौन लिखता है? यह मशहूर धुन जेम्स लॉर्ड पियरपोंट ने लिखा था, जो कि एक जानी-मानी बैंकिंग फैमिली से जुड़े थे।
क्रिसमस के लिए नहीं सच यह है कि ‘जिंगल बेल्स’ क्रिसमस के लिए नहीं, बल्कि थैंक्सगिविंग समारोह (Thanksgiving) के दौरान पहली बार चर्च में पेश किया गया था।
गीत में कहीं भी क्रिसमस का ज़िक्र नहीं है — फिर भी यह आज सबसे लोकप्रिय क्रिसमस गीत बन गया।
अंतरिक्ष में ‘जिंगल बेल्स’ का रिकॉर्ड
इस गीत ने इतिहास में अपनी अलग पहचान भी बनाई।
जब ‘जेमिनी 6’ अंतरिक्ष यान में अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री मिशन के दौरान एलियन सैटलाइट के दर्शन के बाद उन्होंने हारमोनिका और छोटी घंटियों पर इसी धुन को बजाया, तब यह अंतरिक्ष में बजने वाला पहला गाना भी बन गया।
नाम का दिलचस्प सफर :
शुरुआत में गीत का नाम था “One Horse Open Sleigh”।
बाद में 1859 में इसे ‘Jingle Bells’ नाम से प्रकाशित किया गया — वही नाम आज पूरी दुनिया जानती है।
खास बात :
क्रिसमस पर इस गीत का बजना सिर्फ एक रिवाज़ बन चुका है — मगर अब जानकर आपको आश्चर्य होगा कि यह गाना आधिकारिक तौर पर क्रिसमस का हिस्सा नहीं था!