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एक गेटपास–दो ट्रक और 35 करोड़ की चोरी: बरेली से लखनऊ तक फैला शराब सिंडिकेट बेनकाब

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एक गेटपास–दो ट्रक और 35 करोड़ की चोरी: बरेली से लखनऊ तक फैला शराब सिंडिकेट बेनकाब

यूपी में शराब माफिया का खेल उजागर: बरेली में दबिश, फरार गैंगस्टर की तलाश में पुलिस का डेरा

रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता

बरेली। उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े शराब टैक्स चोरी मामलों में से एक में अब पुलिस ने माफिया नेटवर्क पर सीधा वार कर दिया है। टपरी डिस्टलरी से जुड़े 35 करोड़ रुपये के एक्साइज घोटाले में गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई के बाद शनिवार रात सहारनपुर पुलिस ने बरेली में बड़ी दबिश दी। ग्रीन पार्क इलाके में शराब कारोबारी नीरज जायसवाल के आवास पर छापा मारा गया, लेकिन वह मौके से फरार मिला।

इस कार्रवाई में सहारनपुर पुलिस, एसओजी और स्थानीय बारादरी थाना पुलिस की संयुक्त टीम शामिल रही। देर रात की इस दबिश से शहर में हड़कंप मच गया। हालांकि आरोपी हाथ नहीं आया, लेकिन पुलिस अब बरेली में ही डेरा जमाए हुए है।

बरेली, लखनऊ तक फैला शराब माफिया का जाल:

शुरुआत में यह मामला सहारनपुर तक सीमित माना जा रहा था, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, शराब माफिया का नेटवर्क बरेली, शाहजहांपुर, बदायूं और लखनऊ तक फैला हुआ सामने आया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक फरार कारोबारी नीरज जायसवाल अभी भी बरेली या आसपास के जिलों में छिपा हो सकता है।

कैसे उजागर हुआ 35 करोड़ का खेल?

पूरा मामला वर्ष 2021 का है, जब टपरी डिस्टलरी से एक ही गेटपास पर दो शराब ट्रक निकाले गए। इनमें से एक ट्रक बरेली के हरुनगला क्षेत्र में पकड़ा गया। जांच में गेटपास, बिलिंग और एक्साइज दस्तावेजों में भारी गड़बड़ी मिली। केस एसआईटी तक पहुंचा और परतें खुलती चली गईं। नतीजा—करीब 35 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी।

सिंडिकेट का मास्टरमाइंड और गैंगस्टर एक्शन:

जांच में सामने आया कि शराब कारोबारी मनोज जायसवाल इस पूरे नेटवर्क का प्रमुख चेहरा है। उस पर आरोप है कि उसने मुखौटा नामों से कई शराब दुकानें लीं और अलग-अलग लोगों के जरिए अवैध निवेश किया।
9 दिसंबर को सहारनपुर पुलिस ने मनोज जायसवाल, नीरज जायसवाल सहित 27 लोगों पर गैंगस्टर एक्ट लगाया, जिसके बाद पुलिस की ताबड़तोड़ दबिशें शुरू हो गईं।

मनोज जायसवाल को हाईकोर्ट से राहत: 

हालांकि इस बीच मनोज जायसवाल को इलाहाबाद हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। गैंगस्टर केस में उसकी गिरफ्तारी पर अगली सुनवाई तक रोक लगाई गई है। कोर्ट ने साफ किया है कि यह राहत जांच में सहयोग की शर्त पर ही प्रभावी रहेगी। अगली सुनवाई 22 जनवरी 2026 को होगी।

गैंगस्टर केस में नामजद कौन-कौन? इस हाई-प्रोफाइल केस में जिन लोगों को नामजद किया गया है, उनमें :-

मनोज जायसवाल, नीरज जायसवाल, प्रणय अनेजा, अश्वनी उपाध्याय, कुलदीप सिन्हा, अजय जायसवाल, मनीष, अरविंद वर्मा, उपेंद्र गोविंद राव, प्रदीप गुप्ता, हरिशरण तिवारी, संजय कुमार, मांगेराम त्यागी, वीरेंद्र शंखधर समेत अन्य शामिल हैं।

सहारनपुर पुलिस क्यों जमी है बरेली में?

पुलिस को इनपुट मिले हैं कि फरार आरोपी बरेली कनेक्शन के जरिए ही छिपे हुए हैं। इसी वजह से सहारनपुर पुलिस ने यहीं मोर्चा संभाल लिया है और लगातार दबिश दे रही है।

निष्कर्ष :-

अब यह मामला सिर्फ शराब या ट्रक जब्ती का नहीं रहा। यह संगठित आर्थिक अपराध, फर्जीवाड़े और शराब माफिया के पूरे सिंडिकेट की जांच बन चुका है। आने वाले दिनों में कई और बड़े नामों के बेनकाब होने की संभावना है!

और भी आगे की एक्सक्लूसिव अपडेट के लिए बने रहें मीडिआ अलर्ट के साथ………

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta