
बरेली के मोहल्लों में कोहरे की चादर, ठंड ने बढ़ाई लोगों की परेशानी
बरेली। शहर में मौसम ने एक बार फिर अपना मिज़ाज बदल लिया है। सोमवार की सुबह बरेली के कई इलाकों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। सुबह के समय कोहरे की वजह से दृश्यता काफी कम हो गई और सड़कों पर चलने वाले वाहन चालकों को खासा सतर्क रहना पड़ा। कई स्थानों पर कुछ ही मीटर की दूरी पर सामने की चीजें दिखाई नहीं दे रही थीं।
कोहरे के साथ-साथ ठंडी हवाओं के चलने से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। ठंड बढ़ने के कारण लोगों ने ऊनी कपड़ों, स्वेटर और जैकेट का सहारा लेना शुरू कर दिया है। सुबह और देर शाम घर से बाहर निकलने वाले लोगों को ठिठुरन का एहसास हो रहा है। खासतौर पर बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
शहर के प्रमुख मार्गों और मोहल्लों में सुबह के समय यातायात की रफ्तार धीमी नजर आई। कोहरे के कारण वाहन चालकों को हेडलाइट और फॉग लाइट का उपयोग करना पड़ा। दोपहिया वाहन सवारों और साइकिल चालकों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि किसी बड़े हादसे की सूचना नहीं है, लेकिन प्रशासन और यातायात पुलिस की ओर से सतर्कता बरतने की अपील की गई है।
ठंड बढ़ने का असर सुबह की दिनचर्या पर भी देखने को मिला। रोजाना टहलने और व्यायाम के लिए निकलने वाले लोग सामान्य दिनों की तुलना में कम संख्या में नजर आए। कई लोगों ने ठंड और कोहरे के कारण अपनी सुबह की सैर को टाल दिया। वहीं चाय, कॉफी और गरम खाद्य पदार्थों की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ बढ़ती दिखाई दी।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और ठंडी हवाओं के चलते अगले कुछ दिनों तक कोहरे और ठंड का असर बना रह सकता है। न्यूनतम तापमान में और गिरावट आने की संभावना जताई जा रही है। सुबह और रात के समय कोहरा अधिक घना हो सकता है, जिससे जनजीवन पर असर पड़ेगा।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में सर्दी, खांसी और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को गर्म कपड़े पहनने, गरम पानी पीने और अनावश्यक रूप से ठंड में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।
कोहरे और बढ़ती ठंड को देखते हुए नागरिकों से अपील की गई है कि वे सावधानी बरतें, वाहन चलाते समय गति नियंत्रित रखें और जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलें। आने वाले दिनों में मौसम और अधिक सर्द हो सकता है, ऐसे में सतर्कता ही सबसे बेहतर बचाव है।