
पानी की टंकी में चलता था रिश्वत का कारोबार, एंटी करप्शन की फिल्मी रेड में कानूनगो धराया
रिपोर्ट : विवेक गुप्ता
सिरौली। सिरौली क्षेत्र में वर्षों से दबे-छुपे चल रहे भ्रष्टाचार के खेल पर बुधवार को एंटी करप्शन ब्यूरो की बरेली इकाई ने जोरदार प्रहार किया। पानी की टंकी के पास बने अस्थायी कार्यालय से रिश्वत वसूल रहे कानूनगो और उसके सहयोगी को टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस सनसनीखेज कार्रवाई से पूरे राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है।
सरकारी काम की आड़ में निजी अड्डा, यहीं तय होती थी ‘कीमत’
जानकारी के मुताबिक जमीन की पैमाइश के नाम पर आम लोगों को महीनों तक दौड़ाया जा रहा था। कानूनगो वीरेंद्र पाल सिंह ने सिरौली में पानी की टंकी के पास एक अस्थायी कार्यालय बना रखा था, जहां सरकारी कामों के बदले खुलेआम लेन-देन किया जा रहा था। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो ने पूरी कार्रवाई को गोपनीय रखते हुए जाल बिछाया।
20 हजार लेते ही दबोचे गए, नोटों के साथ पुख्ता सबूत बरामद
पूर्व निर्धारित योजना के तहत शिकायतकर्ता पंकज ने जैसे ही तय रिश्वत की रकम 20 हजार रुपये कानूनगो के सहयोगी सर्वेश कुमार को सौंपी, मौके पर मौजूद एंटी करप्शन टीम ने तुरंत कार्रवाई कर दोनों को धर दबोचा। टीम ने रिश्वत की रकम के साथ अहम दस्तावेज और अन्य साक्ष्य भी कब्जे में लिए।
भमोरा थाने में केस दर्ज, विभाग में मचा हड़कंप
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को थाना भमोरा ले जाया गया, जहां उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपी कानूनगो वीरेंद्र पाल सिंह निवासी सीरलापुर और सहयोगी सर्वेश कुमार निवासी मीरगंज बताए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद सिरौली से लेकर भमोरा तक राजस्व विभाग के कर्मचारियों में खलबली मची हुई है।