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‘भयावह अपराध’ पर SC सख्त: रेप दोषी कुलदीप सेंगर को राहत नहीं, हाईकोर्ट के आदेश पर रोक

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उन्नाव रेप केस में बड़ा मोड़: कुलदीप सेंगर की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट की ब्रेक, 4 हफ्ते बाद होगी सुनवाई

‘भयावह अपराध’ पर SC सख्त: रेप दोषी कुलदीप सेंगर को राहत नहीं, हाईकोर्ट के आदेश पर रोक

उम्रकैद के दोषी को झटका: सुप्रीम कोर्ट ने कुलदीप सेंगर की जमानत पर लगाई रोक, नोटिस जारी

रिपोर्ट : ब्यूरो, नई दिल्ली

नई दिल्ली। उन्नाव रेप कांड में दोषी करार दिए गए पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा दी गई जमानत पर फिलहाल रोक लगा दी है और सेंगर को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सेंगर की सजा निलंबन याचिका पर सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ, जिसमें जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह शामिल थे, ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं।

केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में कहा कि यह मामला बेहद गंभीर और भयावह प्रकृति का है। उन्होंने बताया कि कुलदीप सेंगर पर भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और पॉक्सो एक्ट के तहत आरोप साबित हुए हैं। ऐसे अपराधों में कानून के अनुसार न्यूनतम सजा 20 साल की कैद निर्धारित है, जिसे आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है।

सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने पूछा कि यदि पीड़िता नाबालिग न भी हो, तब भी क्या न्यूनतम सजा लागू होगी? इस पर सॉलिसिटर जनरल ने स्पष्ट किया कि कानून में हुए संशोधन के बाद न्यूनतम सजा 20 वर्ष तय की गई है।
शीर्ष अदालत ने संकेत दिए कि वह फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने के पक्ष में है। इसी आधार पर कोर्ट ने जमानत आदेश को निलंबित करते हुए सेंगर से जवाब मांगा है।

इस बीच, दिल्ली में पीड़िता के समर्थन में प्रदर्शन कर रही महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प की खबर भी सामने आई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर जीप में बैठाया। सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि सुप्रीम कोर्ट न्याय के पक्ष में फैसला देगा और हाईकोर्ट का आदेश वापस लिया जाएगा।

गौरतलब है कि 23 दिसंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने कुलदीप सेंगर की उम्रकैद की सजा को निलंबित करते हुए जमानत दी थी। जमानत की शर्तों में सेंगर को पीड़िता से कम से कम 5 किलोमीटर की दूरी बनाए रखने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, सीबीआई ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जिसके बाद यह मामला फिर से सुर्खियों में आ गया।

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta