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पीएम मोदी की ओर से अजमेर शरीफ दरगाह में चादर पेश, किरेन रिजिजू ने निभाई रसम

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पीएम मोदी की ओर सेअमेरिकन सरफराज मंदिर में चर्च के जादूगर किरण रिजिजू ने दिखाई रसम

रिपोर्ट/सौरभ गुप्ता

विश्व प्रसिद्ध ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की अजमेर में चल रहे 814वें वार्षिक उर्स के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से चौधरी की पेशी की गई। केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को मंदिर में इस पवित्र आचार्य की स्थापना की और देश में शांति, सौहार्द और खुशहाली की दुआ की सुविधा दी।

यह परंपरागत प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में 12वीं बार पदस्थापित है। रिजिजू ने मंदिर में चर्च की मूर्ति बनाने के बाद खादिमों द्वारा पारंपरिक दस्तारबंदी करवाकर सम्मान ग्रहण किया। इसके बाद बोल्ट गेट पर प्रधानमंत्री के नाम का संदेश पढ़ा गया।

रिजिजू ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “ख्वाजा गरीब नवाज़ के 814वें उर्स के शुभ अवसर पर अजमेर सफ़र के पवित्र चर्च में पेश करने का सौभाग्य मिला। सभी के लिए शांति, सद्भाव और कल्याण की प्रार्थना। ख्वाजा साहब का प्रेम और सेवा का संदेश हमेशा प्रेरित होता है।”

उर्स का आयोजन 17 दिसंबर से शुरू होकर 30 दिसंबर तक जारी रहेगा। इस दौरान देश-विदेश से लाखों जायरीन कश्मीर में हाजिरी देते हैं। उर्स में कव्वाली महफ़िलें, लंगर और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के साथ झंडे की रोशनियाँ शुरू होती हैं। मुख्य रूप से 26-27 दिसंबर को छठी सरफराज और जन्नती दरवाजे का उद्घाटन प्रमुख आकर्षण रहेगा।

इस बीच, कुछ तीर्थयात्रियों द्वारा तीर्थयात्रियों को लेकर दावा किए जाने के बावजूद यह चौधरी-पेशगी पुजारी के रूप में हुई। सुप्रीम कोर्ट ने रोक की मांग वाली फाइल पर मूर्तिकला की सुनवाई से इनकार कर दिया था। लाभ समिति और खादिमों ने प्रधानमंत्री की इस पहल को एकता का प्रतीक बताया।

प्रधानमंत्री के साथ-साथ केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी अलग-अलग तरह से काम किया। पार्टी कांग्रेस की ओर से भी चन्द्रमा का आदेश दिया गया। उर्स के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई ताकि जायरीनों को कोई दिक्कत न हो।

ख्वाजा गरीब नवाज़ की दरगाह भारत की गंगा-जमुनी तहजीब का जीता-जागता प्रतीक है, जहाँ हर धर्म के लोग आस्था के साथ मत्था टेकते हैं।

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta