
प्राचीन काली मंदिर की जमीन पर कब्जे का आरोप, रास्ता रोके जाने से उबाल — साध्वी भूख हड़ताल पर बैठीं
बरेली। थाना प्रेमनगर क्षेत्र की सूर्खा छावनी में स्थित प्राचीन काली मंदिर एक बार फिर विवादों में आ गया है। मंदिर की भूमि पर अवैध कब्जे और श्रद्धालुओं के आने-जाने का रास्ता बंद किए जाने को लेकर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। मंदिर की सर्वराकार साध्वी ममता दास (चेली ब्रजनंदन दास) ने पड़ोसी अनिल अग्रवाल पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिला अधिकारी गेट के सामने भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
साध्वी का आरोप है कि सोमवार सुबह करीब 7 से 8 बजे के बीच मंदिर तक आने वाली गाड़ियों को जबरन रोका गया। विरोध करने पर कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया और धमकी दी गई कि मंदिर में कोई भी वाहन नहीं आने दिया जाएगा। साध्वी ममता दास का कहना है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो आरोपी ने तमंचा दिखाकर जान से मारने की धमकी दी।
साध्वी ने स्पष्ट किया कि मंदिर तक पहुंचने वाला रास्ता सार्वजनिक मार्ग है, किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं। इसके बावजूद दबंगई के बल पर रास्ता बंद किया जा रहा है ताकि मंदिर की जमीन पर कब्जा किया जा सके।

मामले से आहत साध्वी ममता दास अपने सहयोगी बाबा संतोष नाथ के साथ जिला अधिकारी कार्यालय के गेट पर भूख हड़ताल पर बैठ गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति भू-माफिया प्रवृत्ति का है और लंबे समय से मंदिर की जमीन हड़पने की कोशिश कर रहा है।
साध्वी ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में उनके या उनके परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी आरोपी की होगी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अब सभी की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।